शिवपुरी। शहर में कुछ गुंडे, बदमाशों ने अपने काले धंधे को चलाने के लिए सफेदपोशों का तरीका अपना लिया है। यह तरीका है लोन या ब्याज से रूपए देना। रूपए देने की कोई सीमा नहीं है लेकिन जब एक बार व्यक्ति इनके चंगुल में फस जाता है तो यह उसके खून की आखिरी बूंद तक चूस लेते हैं। इन बदमाशों का असली खेल लोन या ब्याज पर रूपए देने से शुरू होता है। सबसे पहले रूपए लेने वाले से 10 प्रतिशत की राशि का ब्याज वसूला जाता है और एक तारीख दी जाती है अगर उस तारीख में ब्याज नहीं पहुंचा तो ब्याज के रूपयों पर पेनल्टी चालू हो जाती है और यह प्रतिदिन के हिसाब से इतनी तेज रफ्तार से बढ़ती है कि रूपए लेने वाला युवक लिए गए रूपयों से लगभग 10 से 20 गुना राशि ब्याज व पेनल्टी के रूप में दे देता है लेकिन मूल फिर भी नहीं चुका पाता और जिसके बाद ये ब्याज व लोन पर रूपए देने वाले बदमाश उधार लेने वाले युवक को जान से मारने की धमकी, मारपीट तक कर देते हैं इतना ही नहीं डंडा बैंक चलाने बदमाश घर की महिलाओं से भी बदत्तमीजी करने से भी बाज नहीं आते। पुलिस मामले में केस तो दर्ज कर लेती है लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं करती यानि कि सब कुछ मामला अपने स्तर से सुलटा लेते हैं। अभी दो महीने के अंदर डंडा बैंक वसूली के लगभग आधा दर्जन मामले सामने आ गए हैं जिनमें से कुछ उधार लेने वाले लोग शहर छोड़कर भाग गए हैं या कुछ घर से बाहर ही नहीं निकल रहे हैं।
ऐसा ही एक मामला कोतवाली थाने में सामने आया है। यहां पवन कुमार जैन 36 वर्ष की पत्नी रजनी जैन निवासी सिद्धेश्वर कॉलोनी ने बताया कि उसके पति को डंडा बैंक चलाने वले राजू पुत्र स्व. लक्ष्मण गोयल निवासी टेकरी बाजार शिवपुरी ने अपने जाल में फसाकर 4 लाख रूपए उधार दे दिए। इसके एवज में राजू गोयल ने 6 चैक पति के लिए एवं दो चैक गारंटर जिनेंद्र जैन के लिए। रजनी ने बताया कि उसके पति ने 4 लाख के एवज में 30 से 35 लाख रूपए किस्तों के आधार पर दे दिए हैं और राजू गोयल ने कोई लेन—देन बाकी न होने की कहकर एक कागज में रकम चुका की लिखकर दे दिया। जब हमने चैक वापस मांगे तो एक—दो दिन बाद ले लेना। लेकिन उक्त व्यक्ति द्धारा लिए गए चेकों को वापस नहीं किया और कुछ दिन बाद आया व 15 लाख रूपयों की और मांग करने लगा। जब रूपए देने से मना किया तो झूठे प्रकरण में फसाने की धमकी देने लगा और हमारी झूठी शिकायतें कर रहा है। राजू ने उसके पति को इतना डरा दिया है कि वह भय के कारण दुकान पर भी नहीं जा रहे हैं। रजनी ने बताया कि राजू गोयल उनके परिवार के साथ कभी भी गंभीर घटना घटित कर सकता है इसलिए मामले में कार्रवाई की जाए। पुलिस ने महिला की शिकातय पर राजू गोयल के खिलाफ धारा 386 , 506 भादवि एवं धारा 3,4 मध्यप्रदेश ऋणियों का सरंक्षण अधिनियम का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।






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