शिवपुरी। स्वास्थ्य विभाग द्धारा स्वास्थ्य को बेहतर बनाए जाने के लिए भले ही लाखों दावे किए जा रहे हो लेकिन इसकी पोल लगातार खुल रही है। इसका एक मामला तब सामने आया जब एंबुलेंस न मिलने के कारण ट्रेक्टर—ट्रॉली में ही प्रसूता की डिलीवरी हो गई।
मामला बैरसिया गांव का है जहां 24 साल की सबीना पत्नी फूलसिंह आदिवासी का प्रसव होना था। प्रसव पीडत्रा बढ़ी तो सरपंच के ट्रेक्टर से प्रसूता को परिजन अस्पताल लेकर आए, लेकिन कोलारस स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने से पहले ही प्रसूता ने ट्रेक्टर में ही बच्ची को जन्म दे दिया। इसके बाद जच्चा-बच्चा को कोलारस स्वास्थ्य केन्द्र लेकर पहुंचे, जहां दोनों भर्ती हैं।
मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. पवन जैन का कहना है कि कोलारस में दो 108 एम्बुलेंस तैनात रहती हैं। एक मरीज को लेकर ग्वालियर गई हुई थी। सूचना के बाद कहां पर गैप रहा, इसकी जांच करवा रहे हैं। एंबुलेंस की संख्या बढ़ाने के लिए विभाग को पत्र भेज रहे हैं।






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