शिवपुरी। साइबर ठगी के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं और ठग नए-नए तरीके निकाल रहे हैं। कभी सरकारी अधिकारी बनकर तो कभी किसी कंपनी का कर्मचारी बनकर लोगों से जानकारी निकालते हैं और फिर उन्हें ठग लेते हैं। ऐसा ही मामला सिरसौद में सामने आया है जहां एक व्यक्ति ने कई
छात्राओं को फोन कर स्वच्छ भारत अभियान में नौकरी लगने का झांसा देकर रजिस्ट्रेशन के नाम पर रुपये मांगे। ठग ने फोन करके कहा कि भोपाल सचिवालय से सर बोल रहा हूं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के स्वच्छ भारत अभियान में ऑफलाइन जगह आई हैं। इसमें आपका चयन हुआ है और 18 हजार रुपये प्रतिमाह सैलरी रहेगी। इसकी रजिस्ट्रेशन फीस 1810 रुपये है, लेकिन तुम्हें 700 रुपये ही जमा करने होंगे। यह रुपये जमा करने के लिए गूगल पे या फोनपे करना होगा। इसके साथ ही उसने खाते की डिटेल के साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड और 10वीं व 12वीं की अंक सूची भी मांगी। एक के बाद एक ठग ने क्षेत्र की कई छात्राओं को फोन किए और यही बात की। हालांकि कोई भी छात्रा उस ठग के झांसे में नहीं आई और रुपये ट्रांसफर नहीं किए। इस कारण अभी उन्होंने थाने में भी इसकी शिकायत दर्ज नहीं कराई है। बोलचाल की भाषा से व्यक्ति स्थानीय ही लग रहा है। यह लोग छोटी रकम ठगते हैं जिससे फरियादी थाने भी नहीं जाता है।
एक छात्रा को जब ठग ने कॉल किया तो उसने अपने भाई को नंबर दे दिया। छात्रा के भाई की फोन पर ही ठग से कहासुनी हो गई। ठग की पूरी बात जानने के लिए फिर से छात्रा से कॉल कराया तो ठग ने अधिकारियों की धौंस भी दी। उसने कहा शिवपुरी एसपी राजेश सिंह चंदेल हैं न अभी फोन करुंगा तो वो सुरवाया और सिरसौद थाने आ जाएंगे। तुम्हारे भाई को वहीं थाने उठा लाएंगे। इसके साथ ही उसने एक-दो अधिकारियों के और नाम लिए।
ट्रू कॉलर पर नाम आता है सचिवालय भोपाल
ठग जिन छात्राओं को कॉल करता है तो खुद को सचिव बताता है। यदि छात्रा ब्राह्मण है तो खुद भी ब्राह्मण बन जाता है और नहीं तो खुद को राजपूत बताता है। कॉल पर एक छात्रा ने जब पहचान को लेकर संदेह जाहिर किया तो ठग ने कहा कि ट्रू कॉलर पर नाम देख लो। इसके बाद पूछता भी है कि आप छोटे फोन से बात कर रही हो या फिर बड़े फोन से। ठगन ने अपना नंबर ट्रू कॉलर एप पर सचिवालय भोपाल के नाम से सेव किया है। इससे भी कॉलर धोखा खा जाते हैं।
लीक हो रहा डाटा, करैरा में बड़ी गैंग कर रही काम
करैरा में फर्जी सिमकार्ड बनाने से लेकर फर्जी डॉक्युमेंट तैयार करने की बड़ी गैंग काम कर रही है। इस मामले में ठग ने फोन कर डॉक्युमेंट्स भी मांगे। बाद में इन डॉक्युमेंट पर ही फर्जी सिमें एक्टिवेट कर दी जाती हैं और देशभर के साइबर अपराधियों को सप्लाई की जाती हैं। करैरा-दिनारा से इस काम में लिप्त कई युवा पुलिस पकड़ चुकी है। इस मामले में ठग के पास छात्राओं का पूरा डेटा था। इसके अलावा जिस तरह से शिक्षकों, गर्भवति महिलाओं को ठगी के कॉल आ रहे हैं उसमें उनके पास पूरी जानकारी होती है। इससे साफ होता है कि कहीं न कहीं यह सरकारी डेटा में सेंध लगा रहे हैं और इसके जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं।






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