8 मार्च को होने वाले रुक्मणी विवाह की तैयारियां पूर्ण / Shivpuri News

शिवपुरी। श्री बालाजी धाम मंदिर पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन आचार्य नरोत्तम शास्त्री द्वारा गोवर्धन परिक्रमा का सुंदर वर्णन प्रस्तुत किया गया। यहां पर परीक्षित परिवार द्वारा गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाया गया जिसे पांडाल में आए सभी श्रद्धालुओं श्रोतागणों ने पूछ कर नाच गाकर श्री गोवर्धन परिक्रमा की। कथा के पंचम दिवस की कथा के मध्य भगवान की बाल लीला में माखन चोरी लीला मृदा भक्षण लीला एवं कालिया मान मर्दन लीला का वर्णन किया अघासुर वध एवं सकता सकटासुर का वध के अलावा और भी अन्य लीलाओं का वर्णन किया। इन लीलाओं के माध्यम से कालिया नाग का मान मर्दन करते हुए भगवान ने जल तत्व की शुद्धि की, तृणामृत का उद्धार करते हुए वायु तत्व की शुद्धि की, मृद भक्षण लीला के माध्यम से पृथ्वी को पवित्र किया एवं माखन चोरी लीला के माध्यम से भगवान ने समस्त ब्रिज गोपियों के मन को चुरा लिया। संसार में सबसे बड़ी उपलब्धि है कि हमारा मन जो संसार में फसा है वह भगवान तक पहुंच जाए।  गिर्राज पूजन के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण द्वारा इंद्र का मान मर्दन का वर्णन करते हुए आचार्य नरोत्तम शास्त्री ने कहा की इंद्र ब्रज वासियों के मध्य में अभिमानी होकर भगवान बन कर ब्रज वासियों के बीच में पूजित हो रहा था, अतः इस सृष्टि में भगवान सिर्फ एक हैं इसलिए भगवान ने सभी ब्रज वासियों को गिरिराज पूजन करा कर इंद्र का मान मर्दन किया। उल्लेखनीय है कि 8 मार्च को श्री बालाजी धाम मंदिर पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के मध्य 56 भोग का आयोजन रखा गया है और 10 मार्च को यहां पर भंडारा प्रसाद वितरण होगा।