
शिवपुरी। पेंशन के नाम पर शिक्षक संगठनों द्वारा अवैध चंदा
वसूली की जा रही है।यह अवैध है।इस पर रोक लगनी चाहिए। 3 मार्च तक अध्यापक
चंदा देने की प्रक्रिया से बचें क्योंकि प्रकरण कोर्ट में विचाराधीन है।और
शिक्षक भ्रमित न हों।यह बात शासकीय अध्यापक संघ के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र
सिंह रघुवंशी ने कहकर शिक्षकों से सावधान रहने की अपील की है।
उन्होंने
कहा कि अध्यापक हित में सदैव तत्पर रहने वाले प्रांत अध्यक्ष आरिफ अंजुम
पिछले 2 वर्ष से कोर्ट में अध्यापक साथियों की ओर से लड़ाई लड़ रहे हैं।
किसी से कभी कोई चंदा नहीं लिया। आजकल प्रदेश भर में पेंशन के सपने दिखाकर
चंदे का धंधा चल रहा है ।यह लोग अपने झांसे में लेने के लिए पहले फॉर्म
भरवाते हैं। फिर रजिस्ट्री करवाते हैं, फिर वकीलों के नाम से 4 से ₹5 हज़ार
तक की राशि ले रहे हैं इसके पहले भी बहुत से अध्यापक साथी कोर्ट जा चुके
हैं। कोर्ट द्वारा गाइडलाइन के तहत पुरानी पेंशन सन 2004 में विधिवत रूप से
खत्म की जा चुकी है। यह हमको फिर से नहीं मिलेगी। यदि 1998 से कोर्ट
द्वारा वरिष्ठता दी जाती है।
जिसकी लड़ाई कोर्ट
में पहले से जारी है। अब अंतिम फैसला 3 मार्च को हमारे पक्ष में आता है तो
हम निश्चित पेंशन के पात्र होंगे। शासकीय अध्यापक संगठन के प्रदेश अध्यक्ष
आरिफ अंजुम द्वारा सचेत करते हुए कहा है कि चंदा चोरों से दूर रहें और 3
मार्च के फैसले का इंतजार करें।निशुल्क लड़ाई लड़ने बालो का साथ देकर चंदे
का धंधा करने वालों से सावधान रहें।






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