
अमंगल को मंगल करने वाली है महामांगलिक : मुनिश्री आदर्श रत्नसूरीश्वर जी मसा
शिवपुरी-यह
मानव शरीर पांच तत्वों से मिलकर बना हुआ होता है और इन पंच तत्वों से कई
तरह के अमंगल कार्य हो जाते है इन अमंगलों को मंगल करना ही महामांगलिक है
लाभार्थी सांखला परिवार सहित शिवपुरी की पावन धरा भी धन्य हो गई जो
महामांगलिक के अवसर पर पथ प्रदर्शक के रूप में हितेश कुमार भायचंद खोना को
दीक्षा मुहूर्त के रूप में वैराग्य से मोक्ष प्राप्ति का मार्ग आज प्रशस्त
हुआ है ऐसे अवसर विरले ही आते है इन क्षणों को हमेशा स्मृत करते रहना
चाहिए, क्योंकि वैराग्य के लिए मानव को संसार की मोह-माया त्यागकर संयम का
जीवन धारण करने के लिए कठिन तप की ओर जाना होता है और यहां सादा जीवन, पैदल
मार्ग, सर्दी-मौसम-बरसात के बीच भी मोक्ष मार्ग की ओर बस चले ही जाना है,
यहां आत्म और प्रकृति पर्यावरण के कल्याण के लिए महामांगलिक का श्रवण कराया
गया है ताकि सभी का सुख-समृद्ध कल्याणमय हो। उक्त आर्शीवचन दिए प्रसिद्ध
संत मुनिश्री आदर्श रत्न सूरीश्वर जी मसा ने जो स्थानीय संतुष्टि टाउनशिप
के पीछे लाभार्थी तेजमल, डॉ. दीपक, अशोक कुमार और आशीष कुमार सांखला परिवार
द्वारा आयोजित महामांगलिक कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थितजनों का धर्म
कल्याण कर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करते हुए महामांगलिक का श्रवण कर रहे थे।
इस दौरान प्रसिद्ध संत मुनिश्री अक्षत सागर जी मसा द्वारा महामांगलित के
भावार्थ को प्रकट किया जा रहा था। कार्यक्रम में सैकड़ों धर्मप्रेमीजनों ने
महामांगलिक कार्यक्रम में शामिल होकर पुण्यलाभार्थी के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम के अंत में नौकारसी के लाभार्थी, महामांगलिक के लाभार्थी और
मुमुक्षी हितेश कुमार के परिजनों का सम्मान किया गया। यहां भोपाल से आए
राठी परिवार द्वारा मुनिश्री के लिए कांबली ओढऩे का लाभार्थी बनने का
सौभाग्य मिला जिन्होंने शिवपुरी स्थित अपनी ससुराली कोचेटा परिवार के साथ
मिलकर मुनिश्री को कांबली ओढ़ाई और धर्मलाभ प्राप्त किया।






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