शिवपुरी। टीकाकरण महाअभियान में जिले ने पहले ही दिन तय लक्ष्य से अधिक टीकाकरण कर रिकॉर्ड बनाया था। हर दिन बड़ी संख्या में टीकाकरण कर लोगों को कोरोना से बचाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस क्रम में पिछोर ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए पहली ऐसी नगर परिषद का तमगा हासिल कर लिया है जहां शत-प्रतिशत टीकाकरण किया जा चुका है। नगर परिषद के साथ पिछोर के अंतर्गत आने वाली तीन पंचायतों में भी शत-प्रतिशत आबादी को टीका लगाया जा चुका है। इसमें सिर्फ ऐसे लोग टीकाकरण से वंचित रह गए हैं जो या तो नगर में रह नहीं रहे या फिर जिनका किन्हीं कारणों से टीकाकरण नहीं किया जा सकता है। पिछोर यह लक्ष्य हासिल करने वाली जिले की पहली नगर परिषद है। गुरुवार को पिछोर ने यह लक्ष्य हासिल किया है। इसमें पिछोर की तीन ग्राम पंचायतें भी शामिल हैं।
पिछोर नगर परिषद में मतदाताओं की संख्या 11 हजार 990 है, जिनमें से 10195 लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है। जिन 1795 लोगों को टीका नहीं लगा है, उनमें गर्भवती महिलाएं, दूसरी लहर में संक्रमित हुए लोग, किसी कारणवश नगर से बाहर गए लोग, बीमार आदि शामिल हैं। वहीं 42 लोगों की मृत्यु हो चुकी है जिनका नाम अभी मतदाता सूची में शामिल है। इसमें 156 ऐसी महिलाएं भी शामिल हैं जिनकी शादी बाहर हो गई है। 164 लोगों ने अन्य जगह टीका लगवा लिया है। 339 लोग कोरोना संक्रमित हुए थे जिन्हें 90 दिन तक टीका नहीं लगेगा। 559 लोग बीमारियों से ग्रसित हैं और 203 गर्भवती महिलाएं हैं। इस तरह यहां इन 1795 लोगों को टीका नहीं लगाया जा सकता है और इन्हें हटाकार 100 प्रतिशत टीकाकरण हो चुका है। उल्लेखनीय है कि इसके पहले जिन पंचायतों ने शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य हासिल किया, उनमें करीब 70 से 80 फीसद व्यक्तियों को कही कोरोना का टीका लगा था। 70 फीसद आबादी को टीका लगने पर वहां टीकाकरण को शत-प्रतिशत मान लिया जाता है, क्योंकि 30 प्रतिशत लोग ऐसे होते हैं जिन्हें किन्हीं कारणों से टीका नहीं लग सकता है। पिछोर नगर परिषद ने पूरा 100 प्रतिशत और यहां की तीन अन्य पंचायतों में 90 प्रतिशत से अधिक टीकाकरण हुआ है, जो अब तक सबसे ज्यादा है।
इस तरह पाया लक्ष्यः एक-एक कर पूरा अमला झोंक दिया, एसडीएम ने हाथ जोड़ लोगों ने आग्रह किया
कोरोना महामारी के दौर में जहां प्रशासन सख्ती से नियम तोड़ने वालों से निपट रहा था, वहीं अब टीकाकरण के समय हाथ जोड़कर लोगों से आग्रह किया जा रहा है। जिस तरह चुनाव में नेता वोट के लिए घर-घर जाकर हाथ जोड़ते हैं, वैसे ही टीकाकरण के लिए अधिकारियों ने लोगों के घर जाकर आग्रह किया। एसडीएम राजन बी. नाडिया ने खुद गली-गली घूमे और पंचायतों में गए। वहां लोगों से हाथ जोड़-जोड़कर निवेदन किया। एक-एक जगह को चिह्नित कर वहां पर तीन गुना अमला तैनात किया गया। राजस्व के अमले के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वसहायता समूह की महिलाओं को जोड़ा गया। कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर हर कर्मचारी को सिर्फ 40 से 50 लोगों का टारगेट दिया गया। इससे वे उसे आसानी से लक्ष्य पूरा कर सकें। कर्मचारी एक-एक व्यक्ति को उसके घर से लेकर आए और टीका लगवाया।




