शिवपुरी। कोरोना की दूसरी लहर ने पूरे भारत को झकझोर कर रख दिया। कई लोगों ने इस दूसरी लहर में अपनी जान गवा दी। यहां तक कि शमशान में भी जगह खाली नहीं रखी और 24 घंटे शमशान की
/आग अर्थियों से सुलगती रही। इन मामलों में कुछ प्रबंधन की भी लापरवाही रही। लेकिन प्रबंधन की यह लापरवाही आज भी नहीं सुधर रही है। कोलारस में रहने वाला एक युवक चिराग जिसको लगभग दो माह पहले कोरोना हुआ था वह कोरोना से ठीक हो गया, लेकिन आज भी उसके पास अस्पताल प्रबंधन से कोरोना संक्रमित होने के कॉल व मैसेज आ रहे हैं।
इस मामले को लेकर चिराग के पिता ने जब कॉल सेंटर पर फोन लगाया तो वह मीना पुरोहित ने फोन उठाया। यहां पहले चिराग के पिता ने जानकारी ली फिर कॉल सेंटर वाली डॉक्टर मीना पुरोहित से कहा कि मेरा बच्चा चिराग दो माह पहले कोरोना से संक्रमित हुआ था और अब वह उस बीमारी से उबर चुका है लेकिन आप के द्वारा लगातार फोन किए जा रहे हैं वह कोरोना पाॅजीटिव है। इतने खतरनाक संक्रमण के बारे में किसी ठीक-ठाक व्यक्ति को बता दिया जाए तो आप ही बताइए कि उसकी मानसिक िस्थति पर क्या असर पड़ेगा। जिस पर डॉक्टर मीना पुरोहित ने कहा कि यह उनकी गलती नहीं है उनके पास जो लिस्ट आती है उसी के हिसाब से फोन लगाते हैं। जिस पर चिराग के पिता ने सीएमएचओ का नंबर जानना चाहता तो वह भी डॉक्टर मीना ने देने से मना कर दिया। चिराग का यह पहला मामला नहीं है कि जो संक्रमित ही नहीं है लेकिन फिर भी उसे संक्रमित होने के कॉल आ रहे है ऐसे अनेक लोग है जो प्रबंधन की लापरवाही के कारण अब भी संक्रमित न होने के बाद भी स्ंक्रमित होने के मैसज से परेशान है लेकिन प्रबंधन अपनी गलती सुधारने का नाम तक नहीं ले रहा है।






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