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मास्साब के सिर में आती हैं माता, हर रोज हाजिरी लगाकर डाल देते हैं स्कूल से रवानगी

मास्साब के सिर में आती हैं माता, हर रोज हाजिरी लगाकर डाल देते हैं स्कूल से रवानगी
बच्चों की पढ़ाई हो रही चौपट, अभिभावक हो रहे परेशान
नीरज श्रीवास्तव
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शिवपुरी। जिले के पिछोर अनुविभाग की शासकीय प्राथमिक पाठशाला टपरियन खोड़ में पढ़ाने वाले शिक्षक रामवीर पाल महज हाजिरी भरने स्कूल पहुंचते हैं और इसके बाद शिक्षक लोगों की भूत बाधाएं और अन्य परेशानियां दूर करने चल जाते हैं। सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन स्कूल के शिक्षक के सिर में कथित माता की सवारी बच्चों की पढ़ाई को चौपट कर रही है। शिक्षक इसी का बहाना लेकर अमूमन स्कूल से चले जाते हैं और इसके बाद कथित माता की सवारी आने पर स्कूल से करीब एक किमी दूर स्थित मंदिर पर जा पहुंचते हैं और यहां पर फिर लोगों की समस्याएं सुनने में जुट जाते हैं। लोगों की समस्याएं कितनी दूर होती है यह तो भगवान ही जाने पर, इतना जरूर है कि मास्साब की वजह से स्कूल में पढऩे वाले 67 बच्चों का भविष्य बर्बाद जरूर हो रहा है। 
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एक शिक्षक के हवाले विद्यालय
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स्कूल में पदस्थ दूसरे शिक्षक प्रभात गुप्ता का कहना है कि हैड मास्टर स्कूल में सिर्फ दर्शन देने के लिए आते हैं इसके बाद वह वापस रवानगी डाल देते हैं। स्कूल में जो बच्चे अध्ययनरत है उन्हें मेरे द्वारा ही पढ़ाया जाता है शाला के लिए जितना मेरे द्वारा किया जा रहा है मैं उससे अधिक कर रहा हूं इस विद्यालय की स्थिति अधिकारियों को भी मालूम है, लेकिन इसके बाद भी आज तक यहां कोई कार्यवाही संस्थित नहीं की गई है।
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स्कूल में नहीं बंटता मध्यान्ह भोजन, घर से टिफिन लाते हैं बच्चे
पिछोर अनुविभाग के शासकीय प्राथमिक विद्यालय टपरियन पर जब आज राजएक्सप्रेस की टीम ने पहुंचकर जमीनी हकीकत जानी तो यहां एक और बड़ा चौका देने वाला खुलासा यह हुआ कि विद्यालय में अध्ययनरत छात्रों को पिछले पांच माह से मध्यान्ह भोजन नहीं मिला है बच्चे घर से अपना खाने का टिफिन लेकर स्कूल आते हैं। छात्रों ने बताया कि उन्हें विद्यालय में आज तक मध्यान्ह भोजन नहीं दिया गया है। इस मामले में जब विद्यालय में उपस्थित शिक्षक प्रवास गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने कैमरे के सामने स्पष्ट रूप से विद्यालय में दो माह से मध्यान्ह भोजन न बंटे जाने की बात स्वीकार तो की, लेकिन जब उनसे मध्यान्ह भोजन न बंटे जाने का कारण पूछा तो वह बगलें झांकते नजर आए।
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स्वच्छता अभियान को भी पलीता
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एक ओर जहां सरकारें स्वच्छता अभियान को प्राथमिकता के साथ ले रहे हैं, वहीं ओर टपरियन प्राथमिक विद्यालय पर यह अभियान चारों खाने चित्त दिखाई दिया। स्कूल की स्थिति देखकर पता चलता है कि यहां वर्षों से साफ-सफाई नहीं हुई है। बात करें शौचालय की तो स्कूल में शौचालय होने के बाद भी बच्चों को शौच के लिए शौचालय में नहीं, बल्कि खुले मैदान में जाना पड़ता है। 
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ये बोली छात्राएं
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स्कूल में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं मुकेश एवं शिवानी ने राजएक्सप्रेस की टीम को बताया कि उन्हें स्कूल में पिछले लंबे समय से भोजन नहीं दिया गया है और एक ही मास्साब स्कूल में पढ़ाने के लिए आते हैं वे भी ज्यादा कुछ पढ़ाते नहीं है कक्षा में सिर्फ समय निकालने के बाद अपने घर वापस चले जाते हैं।
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इनका कहना है
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आपके द्वारा जो बताया गया है वह मामला प्रथमदृष्टया गंभीर जान पड़ रहा है हम इस विद्यालय का निरीक्षण कर स्थिति की जांच करेंगे। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्यवाही की जाएगी।
शिरोमणी दुबे, डीपीसी शिवपुरी
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