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हरीश रावत ने दी चुनौती, भाजपा के नेता चाहें तो मुझसे बदल लें अपनी दौलत

हरीश रावत ने दी चुनौती, भाजपा के नेता चाहें तो मुझसे बदल लें अपनी दौलत

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शनिवार की शाम हलद्वानी में आम लोगों के बीच उन्हीं की तरह जीने का लुत्फ उठाया. वह काफी मौजमस्ती के मूड में दिखे.
आर्मी हैलीपेड से अपने काफिले के साथ सीएम हरीश रावत सीधे हल्द्वानी बाजार पहुंचे. वहां उन्होने मूंगफली और चाट का आनंद उठाया. एक घंटे तक बाजार में घूमने के दौरान मुख्यमंत्री लोगों से दिल खोलकर मिले. उन्होंने कहा है कि वे सत्ताधारी लोगो के पास काफी चीजें छन-छन कर आती है. ऐसे मुलाकातों से जमीनी हकीकत का पता चलता है और यह याद दिलाती है कि हम भी आम आदमी में से एक हैं.
हरीश रावत ने दी चुनौती, भाजपा के नेता चाहें तो मुझसे बदल लें अपनी दौलत
माफ होंगे मुख्यमंत्रियों के आवास के बिल
हरीश रावत ने पूर्व मुख्यमंत्रियों के आवास वसूली मामले में बडा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि मैं भी महसूस करता हूं कि यह बिल माफ होने चाहिए. इस मामले में जल्द ही विचार किया जाएगा. यह किसी दुर्भावना से नहीं किया गया है बल्कि हाईकोर्ट के निर्देश के बाद यह निर्णय लिया गया है.
भाजपा के कोई नेता चाहें तो मुझसे संपत्ति बदल ले
सीएम रावत ने कहा है कि अब मेरे और मेरे बाद के पूर्व मुख्यमंत्री छह माह तक ही सरकारी आवास में नहीं रह सकेंगे. घोटालों और भ्रष्टाचार को लेकर प्रदेश सरकार को घेरने वाली भाजपा को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जबाव देते हुए कहा है कि अगर मैं दो साल में इतना अमीर हो गया हूं तो भाजपा अपने किसी भी नेता से मेरी संपत्ति बदलवा ले.
हाईकोर्ट के सीटिंग जज करें पूर्व सीएम मामले की जांच
उन्होने रमेश पोखरियाल निशंक, सतपाल महाराज, अमृता रावत सहित भुवन चंद्र खंडूरी का नाम लेकर कहा है कि मैं तो तैयार बैठा हूं. इसके साथ ही उन्होंने भाजपा को सुझाव दिया है कि सारे नेता मिलकर उनके घोटालों की लिस्ट तैयार करें. मैं हाईकोर्ट से अनुरोध करता हूं कि एक सीटिंग जज उनकी जांच करे ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए.
उत्तराखंड में कैबिनेट की बैठक करें पीएओम मोदी
हल्द्वानी में दो शादियों में शिकरत करने पहुंचे सीएम हरीश रावत ने भाजपा की रैलियों और उसमें शामिल हो रहे केंद्रीय मंत्रियों पर चुटकी लेते हुए कहा है कि अब तो पीएम नरेंद्र मोदी को उत्तराखण्ड में कैबिनट कर लेनी चाहिए. उन्होंने कहा है कि जिन मंत्रियों ने आपदा में यहां आना गंवारा नहीं किया अब वे यहां हरीश रावत का कुशल क्षेम पूछने के लिए लगातार उछल-कूद मचा रहे है.
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