
पोहरी। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर महिला जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ग्वालीपुरा सरपंच श्री मति मंजू शर्मा तथा गाँव की 40 महिलाओं ने भाग लिया कार्यक्रम में बदलाव संस्था पोहरी के अजय यादव द्रारा बताया गया कि आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है और महिलाओं को इस अवसर पर अपने अधिकारों के बारे पता होना चाहिये महिला सुबह से उठते से काम करने लगती और बह सोते वक्त तक खाने में पति ससुर परिवार को खिलाने के बाद स्वयं को जितना बचा उसमें सबर कर लेती हैं जिसका परिणाम आज हमारे सामने है। हर महिला में खून की कमी है और अधिकांश बच्चे कम वजन के पैदा हो रहे हैं। इसका सीधा कारण महिला के पोषण से जुडा हुआ है हमारा समाज परिवार और हम इसको बढ़ावा देते हैं कि महिला को बोलते कि महिला को घर में ससुर, सास, पति से पहले खाना नहीं खाना चाहिए। ये घर की मर्यादा होती हैं क्या महिला हर महिला के अंदर खून की कमी है ज्यादातर बच्चे कम वजन के पैदा हो रहे हैं। शैलेन्द्र शर्मा द्वारा बताया गया कि हम महिलाओं को अनेक रूप में देखते है और महिला पुरूष एक गाडी के दो पहिया है एक अगर छोटा हो तो क्या गाडी चल पाएगी इसलिए हमे अपने परिवार समाज में यह दिखाने समझाने की जरूरत है। इस अवसर पर आंगनबाडी कार्यकर्ता श्रीमति गायत्री सेन द्वारा बताया गया कि समुदाय मे लड़के को ज्यादा महत्व दिया जाता है लडकी को कम टीकाकरण पढाई में यह दिखाने को मिलेगा बही लडकी आज लडकी है कल वह बहू होगी और जब वो कमजोर होगी तो क्या उम्मीद होगी कि बह बहू स्वस्थ्य बच्चे को जन्म देगी।






Be First to Comment