
शिवपुरी। भारत की विदुषी महिला छाया युग की स्तम्भ कही जाने वाली आधुनिक युग की मीरा महादेवी जी वर्मा की जयंती अखिल भारतीय साहित्य परिषद शिवपुरी के द्वारा सरस्वती विद्यापीठ में मनायी गयी।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के तौर पर बोलते हुए विद्यापीठ के प्राचार्य हेमंत दीक्षित ने कहा कि महादेवी वर्मा की रचनाओं में उनके कोमल हृदय का परिलक्षण भी होता था जैसे हमारे पाठ्यक्रम में पढ़ाये जाने बाली गिलहरी की बच्ची की कहानी गिल्लू हो या कोई भी रचना बो सीधे मानव हृदय को प्रभावित करती थी और उनकी मौलिक सोच को भी प्रकट करती थी।साहित्य परिषद के जिला संयोजक आशुतोष शर्मा ने कहा कि साहित्य को प्रकाश देने बाले हम अपने देवतुल्य साहित्यकर्मियो को अगर स्मरण नहीं करेंगे तो साहित्य को समझेगा कौन,जानेगा कौन? आशुतोष चौहान,अमित दुबे ने भी अपने विचार इस अवसर पर प्रस्तुत किये।तत्पश्चात काव्य गोष्टि का आयोजन किया गया जिसमें विकास शुक्ल, शिवम यादव टोडा, आशुतोष ओज, आशुतोष चौहान,अमित दुबे,रमन शर्मा,हितेंद्र रावत ,रूपेश सिंह,विक्रम भदौरिया,रमन शर्मा, पंकज शर्मा,व् नवीन पाराशर ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की व् महादेवी वर्मा को अपनी और से काव्य मय श्रद्धांजलि अर्पित की।कार्यक्रम का संचालन आशुतोष ओज़ व् आभार प्रदर्शन विद्यापीठ के आचार्य सुरेंद्र सिंह जी ने किया।






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