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मंत्री द्वारा दिए टेंकर से पिकनिक मनाता मिला टेंकर चालक


कहा-जब तक मुन्नालाल अध्यक्ष है मेरा कोई क्या बिगाड़ेगा
नपा के टेंकरों का दुरुपयोग, दुर्घटनाओं को देते आमंत्रण
शिवपुरी। नगरपालिका शिवपुरी आये दिन किसी न किसी मामले में चर्चाओं में बना ही रहता है। अब गर्मियों में नपा द्वारा सभी वार्डों में पानी के टेंकर चलाए जा रहे हैं। इन टेंकरों के दुरुपयोग किए जाने का मामला सामने आया है। इसी तरह का मामला आज घसारई तालाब के पास में देखने को मिला जब एक टेंकर चालक मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया द्वारा दिए गए टेंकर का उपयोग दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने में करता मिला। जब टेंकर चालक से इस संबंध में पूछा गया तो टेंकर चालक का कहना था कि जब मुन्नालाल अध्यक्ष है मेरा कोई क्या बिगाड़ सकता है। इसके अलावा ठेकेदारों द्वारा अपने चेहतों के टेंकरों को पानी ढोने पर लगाया गया है, वहीं वार्डों में भी चोरी-छुपे टेंकरों से अपने चेहतों को पानी की सप्लाई की जाती है कि वार्डों में जनता पानी के लिए तरसती है। इसके अलावा टेंकर चालक इन टेंकरों का पिकनिक मनाने में भी उपयोग करते देखे गए हैं। टेंकरों की बढ़ती रफ्तार दुर्घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। पानी भरने के फेर में ये टैंकर चालक अपनी स्पीड को कंट्रोल में नहीं रखते और सड़क पर चलने वाले दो पहिया वाहन चालकों, चार पहिया वाहन चालकों व पैदल चलने वाले राहगीरों में टक्कर मार रहे हैं। इन टैंकरों की स्पीड पर कंट्रोल करने के लिए पुलिस प्रशासन व यातायात विभाग द्वारा कोई भी कदम अभी तक नहीं उठाए हैं। 
शहर में चल रही टेंकर रेस
शहर में पानी की समस्या को देखते हुए टेंकर संचालकों ने टैंकरों की संख्या बढ़ा दी है और करीब दो सैकड़ा से अधिक टैंकर शहर में नजर आते है। इन टैंकर संचालकों द्वारा टैंकरों को इस कदर भगया जाता है जैसे शहर में टैंकरों की रेस चल रही हो, इस पर न तो पुलिस प्रशासन ने कोई सख्ती लागू की और न ही यातायात विभाग ने। 
बिना लायसेंसधारी चला रहे टेंकरों को
ड्रायवर की जरूरत होती है क्योंकि उसे टैंकर चलाना होता है, लेकिन उस ड्रायवर के पास लाइसेंस होना जरूरी है, ऐसा कोई कानून शहर में नहीं है। ऐसे में यह गैर लाइसेंसधारी और अनाड़ी ड्रायवर जिनमें से कुछ नाबालिग भी हैं, वह सड़कों पर चलने का कितना अधिकार रखते हैं, दूसरी बात यह है कि इन टैंकरों पर म्यूजिक सिस्टम का क्या काम है जरा प्रशासन और महकमा बताए। एक और सवाल जो यहां आकर खड़ा होता है कि टैंकर एक होता है, म्यूजिक बज रहा होता है और टैंकर पर तीन हुल्लड़ नौजवान धमा-चौकड़ी मचा रहे होते हैं, किसी के रोकने-टोकने पर वह धमकी भरे अंदाज में अपने आका का नाम खूब जोर से लेते हैं और वो आका कोई और नहीं शहर का कोई टुचपुंजिया नेता या किसी समाज का अगुआ या दबंग होता है। बस उसकी धौंस के सहारे यह सबकुछ दिन रात चलता है और पुलिस प्रशासन कहां हैं किस नींद में है कोई नहीं जानता।
महकमा कितना है जिम्मेदार यह भी जानिए
संवेदनशील मुद्दा है हर दूसरी गली में इस समय टैंकर होता है। गर्मियों में पानी की मारा-मारी है इसलिए टैंकरों से हर किसी को प्रेम होता है, पर नसीब अच्छा था फिजीकल पर हुई उस दुर्घटना में घायल बच्ची का जो इस भयाभय टैंकर की चपेट में आकर बच गई। महकमे की इस हद कामी से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इस शहर का अगर भगवान मालिक नहीं तो और क्या है। 
पानी भरने बेकाबू दौड़ रहे टेंकर
गर्मियों का सीजन शुरू हो गया है और पिछले साल औसत बारिश से भी कम बारिश हुई जिस कारण इस बार अप्रैल माह में ही गर्मी का भयंकर जल संकट गहरा गया है। जिस कारण लोगों को इस समय पानी के टैंकरों पर ही निर्भर होना पड़ रहा हैं जिस कारण टैंकर चालक पानी भरने के फेर में टैंकरों को बेकाबू तरीके से चला रहे हैं जिस कारण आए दिन दुर्घटनाएं भी घटित हो रही है। पिछले दिनों फिजीकल के पास एक टैंकर चालक ने तेजी व लापरवाही से चलाते हुए टैंकर से स्कूल जा रही बच्ची में टक्कर मार दी। 
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