
मप्र पत्रकार संघ ने दी दैनिक भास्कर के प्रधान संपादक रमेशचन्द्र अग्रवाल को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि
शिवपुरी। दैैनिक भास्कर की स्थापना स्व. रमेशचन्द्र अग्रवाल के पिता स्व. द्वारिका प्रसाद अग्रवाल ने की थी, लेकिन भास्कर को शिखर पर पहुंचाने में स्व. रमेशचन्द्र अग्रवाल का महत्वपूर्र्ण योगदान रहा है। उक्त उदगार स्थानीय जनसंपर्क कार्यालय में मप्र पत्रकार संघ द्वारा स्व. रमेशचन्द्र अग्रवाल के निधन पर आयोजित शोक संवेदना समारोह में व्यक्त किए। इस अवसर पर स्व. रमेशचन्द्र अग्रवाल की आत्मा की शांति के लिए दो मिनिट का मौन भी रखा गया और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने की ईश्वर से प्रार्थना की गर्ई।
श्रृद्धांजलि सभा में वरिष्ठ पत्रकार प्रेमनारायण नागर ने अपने उदबोधन में कहा कि स्व. रमेशचन्द्र अग्रवाल कर्र्मठता की मिशाल थे और उन्होंने पत्रकारिता तथा उद्योग जगत के विकास में अपना अहम योगदान दिया। वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. रामकुमार शिवहरे ने अपनी श्रद्धांजलि में कहा कि इतनी बड़ी सख्सियत होने के बाद भी उनमें लेश मात्र भी अहंकार नहीं था। पत्रकार अशोक कोचेटा ने उनके व्यक्तित्व को रेखांकित करते हुए कहा कि शिवपुरी से उनका गहरा नाता था और यहां के जन-जन से वह परिचित थे। उन जैसा सहज स्वभाव आज दुर्लभ होता जा रहा है। जनसंपर्क अधिकारी अनूप भारती ने स्व. अग्रवाल को पत्रकारिता की मिशाल बताया। पत्रकार विपिन शुक्ला ने उनसे जुड़ी स्मृतियों को याद करते हुए कहा कि जब कभी भी हम उनसे मिलने जाते थे तो ऐसा नहीं लगता था कि वह इतने बड़े आदमी है। पत्रकारिता की बारिकियों से वह वखूबी परिचित थे। पत्रकार बृजेश तोमर ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनसे मिलने का अवसर कभी नहीं मिला लेकिन उनके बारे में बहुत कुछ पढ़ा और सुना है तथा उनके जीवन से हम सब पत्रकारों को प्रेरणा लेनी चाहिए। मध्य प्रदेश पत्रकार संघ के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने उनकी कर्मठता को याद किया। वरिष्ठ पत्रकार दीपेन्द्र चौहान ने कहा कि स्व. अग्रवाल का पेशेवर अंदाज प्रेरणास्पद है और इसकी सबसे बड़ी मिशाल यह है कि उनके निधन के बाद भी दैनिक भास्कर का प्रकाशन हुआ है। श्रद्धांजलि सभा में पत्रकार विपिन शुक्ला, अजेयराज सक्सेना, नीरज श्रीवास्तव नीटू विजय बिंदास, नेपाल बघेल, रोहित मिश्रा, केदार सिंह गोलिया, राजकुमार शर्मा राजू, राम यादव, अनुराग जैन, केबी शर्मा लालू ने भी स्व. अग्रवाल को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा का संचालन कर रहे संजीव बांझल ने शिवपुरी से जुड़ी उनकी यादों को ताजा किया और बताया कि पांच साल पहले जब वह चेम्बर ऑफ कॉमर्स के समारोह में भाग लेने के लिए आए थे तो उन्होंने कहा था कि किसी भी काम को 100 प्रतिशत देने से सफलता सुनिश्चित रूप से मिलती है।






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