करैरा। विकासखंड़ के आर्दश ग्राम सिरसौद में कुछ दिनों पूर्व गांव के लोगों का एक सांड ने जीना मुश्किल कर दिया था। आये दिन ग्रामीणों पर हमला कर घायल कर देता था। उस पर जो भी ग्रामीण नियंत्रण करने की कोशिश करता वह उस पर हमला कर देता था। जब उक्त आशय की जानकारी ग्रामीणों ने करैरा एसडीएम सीबी प्रसाद को दी तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए करैरा रेंजर महिपत सिह राणा को आवश्यक करवाई कर सांड को पकडऩे के निर्देश दिए जिस पर से करैरा रेंजर द्वारा वन विभाग की टीम को हमलावर सांड हर हाल में पकडऩे के निर्देश दिए जिस पर टीम ने सिरसौद ग्राम पहुच कर हमलावर सांड पर काबू पाया और उसे रस्सों से कर लेजाकर सिंध नदी अमोला के जंगलों में छोड़ा गया है।

कई लोगो को कर चुका घायल
ग्राम सिरसौद निवासी धर्मेंद्र लोधी ने बताया कि कुछ दिन पहले इस सांड़ ने मेरे पिता पर हमला कर दिया था जिससे उनको गंभीर चोटें आई थी। इसके अलावा गांव की श्रीमती पांचो पाल, इंदल सिंह सहित कई लोगो को घायल कर चुका था। इसके डर से गांव के लोग अकेले बाहर निकलने में भी डरते थे। इस सांड का बहुत आतंक गांव में हो गया था।
घर मे घुसकर रसद भी खा जाता था
गांव में ये सांड खुला घूमता था। जिसके भी घर का दरवाजा इसे खुला दिख जाता यह उसके घर मे घुसकर घर मे रखे खाने के समान को खा जाता था और यदि इसके रास्ते मे कोई इंसान आ जाता तो यह उसपर भी हमला कर देता। इदल परिहार के घर पर भी यह लोहे के लगे गेटो को तोड़कर कमरे घुसकर गेंहू व राशन पानी का समान खा गया था। जब इसको भगाने का प्रयास किया तो इसने हमला बोल दिया था।
ग्रामीण व वन विभाग की टीम ने किया काबू
हमलावर सांड को पकडऩे में 7 सदस्यीय वनविभाग टीम के अलावा सिरसौद गांव के निवासी धर्मेन्द्र लोधी, हीरा परिहार, लालू जाटव, मलखान जाटव, सुरेश जाटव, चिन्टू पाल, रघुवीर परिहार, इदल परिहार, फूलसिह कुशवाहा का महत्वपूर्ण योगदान रहा सभी के सहयोग से सांड को बमुश्किल एक घंटे से अधिक समय मे काबू में किया जा सका।
ऐसे पकड़ा सांड को
ग्रामीणों व वनविभाग की टीम ने सांड की पहले घेराबन्दी की फिर उसको खदेड़कर शमशान घाट की बाउंड्री वाल के अंदर ले गए फिर छत पर चढ़कर रस्सों की मदद से उसको फांसकर उसको बमुश्कि पकड़ा। एक घंटे से अधिक रेस्क्यू ऑपरेशन में करीब 30 लोगों द्वारा इस सांड पर काबू किया जा सका।
इनका कहना है
ग्राम सिरसौद के ग्रामीण मेरे पास आवारा सांड की शिकायत लेकर आये थे। की उसके द्वारा कई लोगों को घायल किया गया है इसलिए मेने करैरा रेंजर को उचित करवाई के लिए बोला था। अच्छा हुआ सांड पकड़ा गया गांव वाले बहुत भयभीत थे।
सीबी प्रसाद एसडीएम करैरा
मुझे एसडीएम साहब के द्वारा ग्राम सिरसौद में सांड के आतंक के बारे में बताया गया था। उनके निर्देश के पालन में हमने टीम बनाकर गांव से सांड को पकड़कर सिंध नदी किनारे अमोला के जंगल मे छोड़ दिया है। अब ग्रामीण सुरक्षित है।
एमएस राणा रेंजर करैरा






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