
शिवपुरी। ग्राम पंचायत सचिव एवं सरपंच प्रांतीय संगठन के आव्हान पर अपने अधिकारों एवं शोषण के प्रति लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने के प्रेरणा स्त्रोत बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जन्मदिवस 14 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हुए हैं और तब उनकी हड़ताल निरंतर जारी है। ग्राम पंचायत सरपंच, सचिवों का कहना है कि उनके द्वारा महत्वपूर्ण मांगों को लेकर कई बार आंदोलन किए, लेकिन मप्र सरकार के मुख्यमंत्री एवं सरकार के मंत्रियों के आश्वासन के बाद दो बार बड़े आंदोलनों को स्थगित कर दिया गया, लेकिन आज दिन तक मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा का पालन नहीं किया और इस प्रकार उनके साथ विश्वासघात किया गया है। सरपंच, सचिवों द्वारा ग्राम उदय से भारत उदय अभियान का बहिष्कार किया जाएगा और मांगें पूरी नहीं होने पर वे भोपाल से दिल्ली तक आंदोलन करेंगे। 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायत दिवस पर भोपाल में महारैली एवं धरना प्रदर्शन किया जायेगा।
यह है सरपंच, सचिवों की मांगें
1. 24 मार्च 2013 को मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा की गई कि पंचायत सचिवों को सहायक अध्यापक वर्ग 3 के समान वेतनमान दिया जायेगा। आज दिनांक तक छठवां वेतनमान नहीं दिया गया।
2. पंचायत सचिवों को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ दिया जाए।
3. पंचायत विभाग को राजस्व विभाग से पूर्णता मुक्त किया जाये।
4. सरपंचों का मानदेय 5000 रुपए प्रतिमाह हो।
5. सरपंचों को सत्कार भत्ता 5000 रुपए हो।
6. पीएम आवास में हितग्राहियों के चयन का अधिकार सरपंच ग्राम पंचायत को दिए जाए।
7.बीपीएल राशनकार्ड बनाने का अधिकार सरपंच को दिया जाये।
8. पंचायतों को सीएसआर रेट आरईएस व पीडब्ल्यूडी के समान किए जाएं।
9. मनरेगा के कार्य पूर्व की तरह लागू किए जाए। आदि शामिल हैं।






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