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विस्थापन के षड्यंत्र को लेकर कलेक्टर से मिले आदिवासी

कलेक्टर ने दिया उच्चस्तरीय जांच का भरोसा
सुनवाई नहीं हुई तो 15 दिन बाद करेंगे पैदल भोपाल मार्च
सहरिया क्रांति के बैनर तले सौंपा ज्ञापन
शिवपुरी। शिवपुरी विकासखंड के ग्राम बनेगा में वन एवं राजस्व की भूमि पर रह रहे 85 सहरिया आदिवासी परिवारों को बेदखल करने का ताना-बाना बुना जा रहा है। वन विभाग की इस कार्यवाही को लेकर पिछले 70 वर्षों से निवासरत आदिवासी परिवारों ने आज शिवपुरी कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव को जनसुनवाई उपरांत संजय बेचैन के नेतृत्व में सहरिया क्रांति के बैनर तले ज्ञापन सौंपा।
विनेगा क्षेत्र में निवासरत इन 85 आदिवासी परिवारों के सदस्यों की संख्या करीब 450 है इतनी अधिक आबादी को दृष्टिगत रखते हुए ही शासन ने सहरिया आदिवासी बस्ती में शासकीय मदद से सड़क आंगनवाड़ी विद्यालय सामुदायिक भवन चौपाल आदि का निर्माण कराया वही पेयजल हेतु पांच हैंडपंप और घरों में बिजली कनेक्शन भी दिए हैं। 
आदिवासियों का कहना है कि गत वर्ष वनाधिकार के तहत आदिवासी पट्टों के लिए आवेदन ग्राम पंचायत में सचिव के पास जमा करा दिए गए थे ग्राम सचिव ने पास ही स्थित आश्रम के प्रभावशाली लोगों से मिलीभगत कर आवेदन अपने पास रख लिए और उन्हें जनपद में जमा नहीं कराया जिससे पात्र आदिवासियों को वन अधिकार के पट्टे अभी तक प्राप्त नहीं हुए हैं। आदिवासियों का कहना था कि पूर्व वर्षो में हुए सर्वे के बाद बिनेगा के सहरिया आदिवासियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 36 कुटीरे शासन ने स्वीकृत कर राशि अधिकारियों के बैंक खातों में भी जमा कराई। उक्त राशि का आहरण कर आदिवासियों ने अपनी पुरानी पटोरें मिटाकर उसी स्थान पर प्रधानमंत्री आवास के तहत कुटीर बनाना प्रारंभ कर दिया एवं पहली किस्त से मकान के ढांचे भी काफी हद तक तैयार हो गए  इन अध् बने मकानो को देख विनेगा के समीप स्थित आश्रम के एक बाबा ने वन विभाग को शिकायत कर भवन अमले को भेजकर गरीब आदिवासियों की कुटीरों का निर्माण एक षड्यंत्र के तहत रुकवा दिया है। आदिवासियों का आरोप है कि उक्त भूमि पर बाबा की नजर है और वह चाहता है कि किसी भी प्रकार से आदिवासियों को परेशान कर पुलिस और प्रशासन से भयदोहित करा कर खदेड़ दिया जाए ताकि वह इस भूमि पर अवैध तौर पर काबिज हो सके। इस कारण आए दिन नितांत झूठी शिकायत है कराई जा रही है और आदिवासियों को झूठे प्रकरणों में फंसाने की धमकी भी दी जा रही है। आदिवासियों का कलेक्टर से कहना था कि सामुदायिक पट्टा गलत तरीके से आश्रम से जुड़े लोगों ने करा लिया है यह सब अधिकारियों की मिलीभगत से संभव हुआ है नियम विरुद्ध हुए सामुदायिक पट्टों की जांच भी कराई जा कर इन पट्टों के निरस्ती की कार्रवाई की मांग भी आदिवासी परिवारों ने की।
 कलेक्टर से मिलने पहुंचे आदिवासियों ने बताया कि आश्रम की ओट में कई भी बीघा वनभूमि इस समय भी कब्जे में है वनों को नष्ट कर यहां बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य भी कराए गए हैं जिनकी विस्तृत जांच हो तो काफी कुछ निकलकर सामने आ सकता है। गरीब सहरिया आदिवासियों का कहना था कि उनके विरुद्ध की जा रही दमनात्मक कार्यवाही को रोका जा कर अधबनी कुटीरों का निर्माण पूरा कराया जाए विनेगा ग्राम के लंबित पड़े वन अधिकार के आबादी पट्टे शीघ्र जारी किए जाएं ,और नियम विरुद्ध तरीके से दिए गए सामुदायिक पट्टे को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की कार्यवाही प्रशासन न्याय हित में करें। कलेक्टर ने आदिवासियों की समस्याओं को गंभीरता से न केवल सुना बल्कि उन्होंने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और समिति बनाकर सभी तथ्यों का परीक्षण कराए जाने के निर्देश दिए । कलेक्टर ने कहा कि किसी भी सूरत में कोई भी अनुचित कार्य नहीं होने दिया जाएगा। आदिवासी समुदाय के लोगों का कहना था कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो 15 दिन के बाद शिवपुरी से भोपाल तक पैदल मार्च कर मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदर्शन करेंगे।

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