वर्षा ऋतु के पानी का होगा सदोपयोगजिले के सभी शासकीय कार्यालयों में शुरू होगा रूफ वाटर हार्वेस्टिंग
शिवपुरी। रूफ वाटर हार्वेस्टिंग तकनीकी से वर्षा ऋतु का पानी सीधे जमीन के अंदर पहुंचने से ट्यूववेल जैसी अन्य जल संरचनाओं का जल स्तर बढ़ेगा और पानी भी पर्याप्त उपलब्ध हो सकेगा। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ओमप्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के अधिकारियो की आज बैठक सम्पन्न हुई। जिलाधीश कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाण्डे, स्वयंसेवी संस्था विभावरी के संचालक सुनील चतुर्वेदी सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।
श्री चतुर्वेदी ने कहा कि हम भूमि के जल का दोहन जिस रूप में कर रहे है, वर्षा ऋतु के पानी के रूप में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग के माध्यम से जमीन में उतारना है। जिससे हमारे ट्यूववेल जैसे जल स्त्रोत में पानी की कमी न आए। उन्होंने पावर प्रिजेन्टेशन के माध्यम से भूमि के जल स्तर को वर्षा ऋतु के पानी से कैसे बढ़ाया जा सके इसके लिए भूमि में पानी संग्रहण की विभिन्न विधियों का प्रदर्शन कर जानकारी दी और कहा कि रूफ वाटर हार्वेस्टिंग के माध्यम से जहां वर्षा का पानी जमीन के अंदर पहुंचेगा, वहीं वर्षा के पानी से बाढ़ जैसी स्थिति भी निर्मित नहीं होगी। उन्होंने रूफ वाटर हार्वेस्टिंग उपयोग में किए जाने वाले विभिन्न फिल्टर की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रूफ वाटर हार्वेस्टिंग के प्रति हमें लोगों को जागरूक कर इसे उपयोग करने हेतु प्रेरित करना है। उन्होंने प्रदेश के देवास जिले में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग के क्षेत्र में किए गए कार्यो का भी हवाला देते हुए कहा कि वहां आज रूफ वाटर हार्वेस्टिंग के माध्यम से भू-जल स्तर में वृद्धि हुई है। कलेक्टर ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में सभी शासकीय कार्यालयों, छात्रावासों, शिक्षण संस्थाओं जिसमें ट्यूववेल है उन्हें रूफ वाटर हार्वेस्टिंग तकनीकी द्वारा फिल्टर के माध्यम से वर्षा का पानी जमीन में उतारना है। इसके लिए जिले में 100 ट्यूववेलों को रीचार्ज का कार्य किया जाएगा, जिसका जनसामान्य को अवलोकन कराया जाएगा। जिससे लोग रूफ वाटर हार्वेस्टिंग के महत्व समझ सके।






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