
अभी तक घर में नाटक और टीवी देखने के लिए डीटीएच खरीदना पड़ता है लेकिन अब
डीएलएड करने के लिए भी इसे खरीदना पड़ेगा क्योंकि डीटीएच के चैनल पर
पाठ्यक्रम का प्रसारण होगा। इस आधार पर तैयारी हो सकेगी।
सरकार ने 1 अप्रैल 2019 से स्कूलों में पढ़ाने के लिए डीएलएड अनिवार्य
कर दिया है। इसके बाद कोई भी शिक्षक बगैर डीएलएड के स्कूलों में नहीं पढ़ा
सकेगा। निजी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को भारी भरकम फीस नहीं चुकाना
पड़े, इसलिए सरकार खुद शिक्षकों को एनआईओएस (राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी
शिक्षा संस्थान) से डीएलएड करवा रही है। इसकी कुल फीस 6000 रुपए है। इसमें
4500 रुपए फीस है और 1500 रुपए डीटीएच के लगेंगे।
डीटीएच का शुल्क भी रखने की वजह डीएलएड की तैयारी के लिए स्वयंप्रभा
चैनल पर सिलेबस का प्रसारण किया जाएगा। इस आधार पर शिक्षक घर बैठकर इसकी
तैयारी कर सकेंगे। इसके बाद इसकी परीक्षा दे सकेंगे।
12वीं में 50% अंक नहीं तो दोबारा देना होगी परीक्षा
डीएलएड के लिए सरकार ने 12वीं में 50 फीसदी अंक होना अनिवार्य कर
दिया है। अब वे ही शिक्षक इसमें शामिल हो पाएंगे जिन्होंने इससे ज्यादा अंक
हासिल किए हैं अन्यथा उन्हें दोबारा 12वीं की परीक्षा देना होगी। इसके साथ
ही वे डीएलएड की भी परीक्षा दे सकेंगे। 12वीं में पास हुए तो डीएलएड में
पास माना जाएगा अन्यथा वे 1 अप्रैल 2019 के बाद स्कूलों में नहीं पढ़ा
सकेंगे।
आवेदक के घर में डीटीएच है तो भी देना होगी फीस
1.यदि पति-
2.जिनके घर ब्रॉडबैंड हैं। वे सीधे इसके जरिए भी चैनल देख सकते
हैं या ऑनलाइन पढ़ाई कर सकते हैं लेकिन इसके बाद भी उनसे डीटीएच की फीस ली
जा रही है।
निजी स्कूल संचालकों को दे रहे ट्रेनिंग
एमपी ऑनलाइन पर डीएलएड के लिए आवेदन हो रहे हैं। इसकी आखिरी तारीख
15 सितंबर है। डीईओ आरके नीखरा ने बताया कि शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों के
शिक्षकों को जानकारी देने के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं। इसमें उन्हें
पूरी जानकारी दी जा रही है। अप्रशिक्षित शिक्षक इसके लिए आवेदन कर सकते
हैं।
दोनों शिक्षक हैं और वे डीएलएड करना चाहते
हैं तो भी उन्हें 6-6 हजार रुपए चुकाना होंगे जबकि एक ही डीटीएच के जरिए वे
तैयारी कर सकते हैं।






Be First to Comment