ई-हास्पिटल में तब्दील हो जाएगा। ई-हॉस्पीटल बनने के बाद यहां के डॉक्टरों
से इलाज के लिए लोगों को सीएससी सेंटर या अन्य कम्प्यूटर सेंटर के जरिए
डॉक्टरों का अपाइमेंट मिल जाएगा। इसके साथ ही यहां 300 सीट का कॉल सेंटर भी
खुलेगा।
उक्ताशय की घोषणा रविवार को यहां केन्द्रीय विधि,न्याय व
सूचना प्रोद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान
की। केन्द्रीय मंत्री प्रसाद ने बताया कि केन्द्र सरकार ई-हास्पिटल की एक
बड़ी योजना पर काम कर रही है । देश,प्रदेश व जिला अस्पतालों को एनआईसी से
जोड़ा जा रहा है।
इस व्यवस्था के लागू होने से गांव में बैठा कोई
व्यक्ति अपने मोबाइल, सीएससी सेंटर या घर बैठे कम्प्यूटर से डॉक्टर की
उपलब्धता को जानते हुए उससे अपना अपाइंटमेंट फिक्स कर सकेगा। उन्होंने कहा
कि हमारी एनआईसी अगले तीन माह में यहां यह व्यवस्था लागू कर देगी। यहां यह
उल्लेखनीय होगा कि ग्वालियर के जिला चिकित्सालय मुरार में यह सुविधा किए
जाने कलेक्टर राहुल जैन ने पहले से ही प्रक्रिया शुरू करवा दी थी।
केन्द्रीय
मंत्री ने इसकी विधिवत घोषणा भी कर दी। इसके साथ ही केन्द्रीय मंत्री ने
ग्वालियर में 300 सीट के एक बीपीओ (कॉल सेंटर) को खोले जाने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि बीपीओ के लिए शासन एक लाख स्र्पए प्रति सीट अनुदान देता
है। इस सेंटर को विडिंग के जरिए खोला जाएगा। केन्द्रीय मंत्री ने दावा किया
कि इस सेंटर के जरिए यहां के 3000 लोगों को रोजगार मिलेगा।
हिंसा हुई लेकिन दो-तीन घंटे में काबू पा लिया
हरियाणा
में डेरा समर्थकों के उपद्रव और हाईकोर्ट के डायरेक्शन के बाद भी सुरक्षा
के पर्याप्त इंतजाम न किए जाने को लेकर किए गए सवाल पर केन्द्रीय मंत्री ने
सीधे जवाब न देकर इसे टाला। पहले प्रधानमंत्री द्वारा मन की बात के संदेश
को सरकार की स्पष्ट मंशा बताया।
पुन: प्रश्न करने पर कहा कि आप इस
घटना के अच्छे पक्ष को भी देखें। घटना हुई जरूर,लेकिन इस पर दो से तीन घंटे
में काबू कर लिया गया और फिर हिंसा नहीं हुई। इसी मसले पर हाईकोर्ट की
टिप्पणी को लेकर उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट की पीड़ा है,लेकिन वह केवल लिखित
आदेश पर ही कुछ कह सकते हैं।
तीन तलाक के मसले पर उन्होंने कहा कि
सुप्रीम कोर्ट का आदेश स्पष्ट है। तीन तलाक असंवेधानिक है। और आज की तारीख
में तीन तलाक पर रोक के लिए कोई कानून बनाने की जरूरत नहीं है। जीएसटी के
दायरे में पेट्रोल-डीजल न आने पर उन्होंने कहा कि यह वित्तमंत्री और प्रदेश
के मुख्यमंत्रियों का विषय है।





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