Press "Enter" to skip to content

आसाराम पर भी फैसला जल्द

Image result for आसाराम जेल में बंद

नई दिल्ली। जेल में बंद दुष्कर्म के आरोपी कथावाचक
आसाराम के गुजरात में लंबित मामले के धीमे ट्रायल पर सुप्रीम कोर्ट ने
सोमवार को गहरी नाराजगी जताई। कोर्ट ने गुजरात सरकार से पूछा कि अभी तक
पीड़िता का बयान क्यों नहीं दर्ज हुआ? गुजरात सरकार से मामले की स्थिति
रिपोर्ट मांगते हुए कोर्ट ने सुनवाई दिवाली बाद तक के लिए टाल दी।
सुप्रीम
कोर्ट की नाराजगी आसाराम की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आई।
न्यायमूर्ति एनवी रमन्ना और अमिताव रॉय की पीठ इस पर सुनवाई कर रही है।
आसाराम सितंबर 2013 से राजस्थान के जोधपुर जेल में बंद है। उस पर गुजरात के
अलावा राजस्थान में भी नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप है।
सोमवार को
मामले पर सुनवाई के दौरान पीठ ने गुजरात सरकार से पूछा कि जब कोर्ट ने
स्पष्ट तौर पर त्वरित सुनवाई के आदेश दे रखा है, तो फिर ट्रायल की रफ्तार
इतनी धीमी क्यों है? अभी तक पीड़िता के बयान भी दर्ज नहीं हुए, जबकि वह
मामले में सबसे अहम गवाह है।
गुजरात सरकार की ओर से पेश एडिशनल
सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि गवाही जल्दी पूरी करने का आदेश कोर्ट
ने अप्रैल में दिया था। उन्होंने बताया कि हमले में इस मामले के दो
महत्वपूर्ण गवाह मारे गए। एक अन्य गायब है और बाकी के 17 घायल हुए हैं।
उन्होंने
कहा कि पीड़िता का बयान उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद दर्ज कराया
जाएगा। हालांकि, 92 अहम गवाहों में से 45 से ज्यादा के बयान दर्ज हो चुके
हैं। उधर, दूसरी ओर आसाराम के वकील ने धीमे ट्रायल का आरोप लगाते हुए कहा
कि वे पीड़िता के बयान दर्ज होने के बाद ही जमानत याचिका पर जोर दे सकते
हैं।
पीड़िता के वकील ने त्वरित ट्रायल की मांग करते हुए कहा कि कोर्ट
23 सितंबर से पहले पीड़िता के बयान दर्ज करने का निर्देश दे। 23 अप्रैल को
निचली अदालत में सुनवाई होनी है। गत 12 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात
सरकार को कोर्ट में गवाहों के बयान जल्द दर्ज कराने का निर्देश दिया था। उस
समय कोर्ट ने आसाराम की जमानत पर तत्काल सुनवाई करने की मांग यह कह कर टाल
दी थी कि इस पर गवाहों के बयान होने के बाद विचार किया जाएगा।

More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!