
बैराड़।
नगर परिषद बैराड़ द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए हितग्राही चयन
सर्वे करने वालों के द्वारा सर्वे में पैसों का लेनदेन कर वर्षों से पाटौर
एवम किराए के मकान में रह रहे लोगों के नाम पात्र होते हुए भी काट दिए गए
और जमीन, मकान, वाहन रखने वाले अपात्र व्यक्तियों के नाम हितग्राही सूची
में शामिल कर दिए गए हैं जिसमें नगर पंचायत क्षेत्र के गरीब वर्ग में रोष
व्याप्त है।
हितग्राही चयन सर्वे सूची बनाने वालों पर प्रधानमंत्री आवास
के नाम पर मनमानी एवं सांठगांठ करने का आरोप लगाते हुए पार्षद एवं पीआईसी
सदस्य विद्या बाथम ने बताया है कि पीआईसी मीटिंग में समिति द्वारा 111
नामों की सूची अनुमोदित की गई जिसके अनुसार 3 फरवरी 2017 को नगर परिषद
द्वारा नगर उदय अभियान समापन अवसर पर एसडीएम पोहरी की उपस्थिति में अधिकार
पत्र भी वितरित किए और बाद में सूची में मन माने रुप से भ्रष्टाचार करके
सूची को 291 हितग्राही का बना दिया जिसमें अधिकार पत्र वाले कुछ लोगों से
स्वार्थपूर्ति नहीं होने पर नाम हटादिये और बिना पीआईसी एवं पार्षदों को
बताये 111 की जगह 291 की सूची बनाकर एस डीएम पोहरी के हस्ताक्षर करवाने
भेजी। एसडीएम पोहरी द्वारा उक्त हितग्राही सूची जांच के लिए बैराड़ भेजी गई
परंतु जांच भी महज खानापूर्ति साबित हुई और घर बैठकर जांच दल द्वारा जांच
पूरी कर ली गई। नगर परिषद क्षेत्र के कई पात्र हितग्राहियों के नाम काटे गए
हैं उन लोगों का आरोप है कि सुविधा शुल्क ना देने का खामियाजा हमारे नाम
काट कर भुगतना पड़ रहा है जबकि हमे किराए के एवं कच्चे मकान में रहते कई
वर्ष हो चुके हैं। व्यापक स्तर पर हुए इस भ्रष्टाचार में नगर परिषद की
अध्यक्ष श्रीमती सुशीला दौलतसिंह रावत एवं सीएमओ और कर्मचारियों की भूमिका
पूरी तरह संदिग्ध है जो जांच का विषय है।
इस तरह किया गया है प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार
1-
आवास योजना की योजना स्वीकृत होते ही राशन कार्ड में परिवार जनों के नाम
अलग-अलग कर बडे पैमाने पर नए राशन कार्ड एवम परिवार आइडी बनाई गई ताकि एक
ही परिवार के ज्यादा से ज्यादा लोग लाभ ले सके।
2-राशन कार्ड का मुखिया
पति होने पर एवं मुखिया के नाम मकान जमीन होने पर पत्नी के नाम आवेदन लिया
गया है जबकि नियमानुसार पति पत्नी एक ही परिवार इकाई के सदस्य होते हैं जब
तक विधिवत तलाक ना हो जाए। सूची में शामिल अधिकांश महिला हितग्राहियो की
यही स्थिति है।
3- नगर परिषद के सदस्य कर्मचारियों के पास वाहन भूमि
मकान होने पर उनके पुत्र, भाई, एवं पत्नी को आवास योजना सूची में शामिल
किया है इनकी संख्या 50 के लगभग हैं।
4- एक ही व्यक्ति को दो जगह वार्ड
क्रमांक 9 एवं 13 में आवास योजना का पात्र बना दिया गया है जो सर्वे दलों
द्वारा घर बैठकर सर्वे करने की तरफ इशारा करता है क्योंकि एक व्यक्ति दो
जगह कैसे निवास कर सकता है।
5- बीपीएल कार्ड धारी परिवार में मुखिया के स्थान पर पत्नी या पुत्र द्वारा आवास योजना का आवेदन देकर शामिल किया गया है।
इन लोगों के काटों गए नाम
सोने
राम बाथम, रामलखन बाथम नारायणपुत्र नक्टू नामदेव, दिनेश जाटव, बादामी
योगी, कमला बाथम अनीता योगी, शीला जाटव तीनों महिलाएं विधवाएं हैं जो
मजदूरी करती हैं। इसके अलावा उदय सिंह परिहार,छोटू बाथम,खैमा जाटव, गोपाल
जाटव,नारायण बाथम, भोंदू रावत, रामश्री जाटव के नाम शामिल हैं।
इनका कहना है
नगर
परिषद द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली हितग्राही सूची 111 की बनाई
गई थी जिसे बाद में मनमाने तरीके से फेरबदल कर 291 की कर दिया जिसमें 70
प्रतिसत लोग अपात्र शामिल हैं जांचकर्ताओं ने जांच घर पर बैठकर की है जो
गलत है।
राजीव सिंघल, पार्षद वार्ड 6
-प्रधानमंत्री आवास योजना की
सर्वे सूची मेरे आने से पूर्व की बनी हुई है पार्षदों की शिकायत भी है
देखकर पात्र लोगों के नाम जोडऩे की कार्यवाही करेंगे। मधुसूदन श्रीवास्तव
सीएमओ नगर परिषद बैराड़।






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