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संकुल केंद्रों के औचित्य पर उठे सवाल अध्यापक, शिक्षक हो रहे परेशान, नहीं मिला छठवां वेतनमान

खनियांधाना
मध्य प्रदेश शासन के वित्त विभाग ने वित्तीय वर्ष 2016- 17 में शिक्षा
विभाग को निर्देश दिए थे कि वह अपने आहरण सह वितरणअधिकार कम करें जिसके
पालन में लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल में प्रदेश के समस्त संकुल केंद्रों
के आहरण सह वितरण अधिकार समाप्त कर विकास खंड शिक्षा कार्यालय को आहरण
सहवितरण के अधिकार दिए थे साथ ही यह भी व्यवस्था बनाई गई थी कि जब तक विकास
खंड शिक्षा कार्यालय पर संसाधन उपलब्ध नहीं होते तब तक संकुल केंद्र वेतन
पत्रक व सेवा पुस्तिकाओं का संधारण आदि कार्य यथावत करते रहेंगे।
चूँकि
अब मध्यप्रदेश शासन ने विकास खंड शिक्षा कार्यालय पर इंटरनेट कंप्यूटर आदि
उपलब्ध करा दिए हैं और इस कार्यालय में समस्त प्रकार का स्टॉफ भी मौजूद है
ऐसी स्थिति में अब संकुल केंद्रों का क्या औचित्य रह गया है । शासन की इस
दोहरी व्यवस्था से न ही आज तक छटवें वेतनमान का लाभ सही ढंग से मिल पा रहा
है और न ही सातवें वेतनमान को लागू किया जा सका है , ऊपर से परेशान हो रहे
हैं सो अलग। जिला कलेक्टर से खनियाधाना ब्लॉक के शिक्षकों ने मांग की है कि
संकुल केंद्रों से सेवा पुस्तिकाएं आदि समस्त रिकॉर्ड विकासखंड शिक्षा
कार्यालय पहुंचाया जाए ताकि आहरण सहवितरण केंद्र पर सेवा पुस्तिकाओं का
संधारण वेतन पत्रक आदि समय पर तैयार हो सकें और शिक्षकों को दोहरी व्यवस्था
से मुक्ति मिल सके।

इनका कहना है
भाजपा प्रकोष्ठ के जिला
संयोजक रामराज पाराशर ने मांग करते हुए बताया इस दोहरी व्यवस्था से
अव्यवस्था बनी हुई है शिक्षकों को सातवां वेतन अभी तक नहीं मिल सका वही
अध्यापकों के छठे वेतन में विसंगति बनी हुई है, इस सम्बन्ध में शीघ्र ही
जिला कलेक्टर से मिल कर अध्यापकों, शिक्षकों की समस्या पर बात करेंगे।

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