Press "Enter" to skip to content

गैस सब्सिडी में ऐसी धोखाधड़ी कहीं और ट्रांसफर हो रही है राशि

Image result for सबसिडी

कोरबा। रसोई गैस पर शासन से मिल रही सबसिडी उपभोक्ताओं
के दिए बैंक खाते की बजाय कहीं और ट्रांसफर हो रही है। उपभोक्ताओं के
अनुसार इस समस्या से ऐसे लोग जूझ रहे हैं, जो एयरटेल का मोबाइल नंबर
इस्तेमाल कर रहे।
जिन एयरटेल यूजर एलपीजी उपभोक्ताओं ने अपने एयरटेल
का सेल नंबर गैस एजेंसी से लिंक किया है, उनकी सबसिडी की राशि एयरटेल
मनीबैंक नामक खाते में जमा हो रही। अब तक ऐसे मामले रायपुर में सामने आए
थे, पर कोरबा में कुछ उपभोक्ताओं को यह समस्या होने पर अब इसकी शिकायत
प्रशासन से भी की गई है।
रसोई गैस उपभोक्ताओं को सबसिडी योजना का लाभ
लेने संबंधित गैस एजेंसी व बैंक में अपना खाता नंबर और मोबाइल फोन नंबर
लिंक कराने कहा गया। पिछले वर्षों में शासन से जारी निर्देश के तहत आधार
नंबर, बैंक खाता और मोबाइल नंबर लिंक करने के बाद अब सीधे मोबाइल से ही
सिलेंडर बुकिंग व डिलिवरी के साथ इनकी जानकारी मोबाइल अलर्ट से उपभोक्ता तक
पहुंच रही।
इसके साथ ही गैस एजेंसी में बगैर सबसिडी सिलेंडर की पूरी
राशि जमा कर छूट की रकम उनके बताए बैंक खाते में जमा करने की व्यवस्था दी
गई। बीएसएनएल समेत अन्य टेलिकॉम कंपनियों के उपभोक्ता इस समस्या से दूर
हैं, जबकि केवल एयरटेल यूज कर रहे रसोई गैस उपभोक्ताओं की सबसिडी की राशि
एयरटेल मनीबैंक में ट्रांसफर कर दी जा रही।
कह रहे केंद्र सरकार से करार की बात
एसईसीएल
कॉलोनी कोरबा में रहने वाले देवाशीष दास ने बताया कि उनका रसोइ र्गैस
कनेक्शन एसईसीएल कॉलोनी में संचालित डीलर के पास है। पिछले कुछ माह में
उनके हिस्से की सबसिडी की राशि जब खाते में जमा नहीं होती मिली, तो
उन्होंने एजेंसी संचालक से जानकारी मांगी।
संचालक इस बात से अनभिज्ञ
थे, जबकि एयरटेल मनीबैंक में राशि जमा होने की बात पता चलने पर वे विकास
कॉम्प्लेक्स स्थित एयरटेल के कार्यालय पहुंचे। एयरटेल के कर्मियों ने
एयरटेल मनीबैंक में राशि जमा होने की बात स्वीकार करते हुए बताया कि केंद्र
सरकार से कंपनी का करार हुआ है, इसलिए यह प्रक्रिया उच्च स्तर पर ही
संपादित हो रही और इसमें स्थानीय कार्यालय का कोई हाथ नहीं है।
कोई करार नहीं, नंबर बदलें उपभोक्ता
इस
संबंध में  भारत गैस के वितरक व कुसमुंडा को-ऑपरेटिव सोसाइटी
के अध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा से राय ली। उनका कहना था कि सबसिडी की राशि
उपभोक्ता के पंजीकृत बैंक खाते की बजाय कहीं और जमा करने किसी मनीबैंक से
शासन के साथ हुए करार की सूचना नहीं है।
शर्मा ने उपभोक्ताओं को
सुझाव दिया है कि इस तरह परेशान हो रहे रसोई गैस उपभोक्ता इसकी शिकायत सीधे
जिला प्रशासन से करें और तत्काल अपना मोबाइल नंबर बदल दें। उन्होंने बताया
कि हाल ही में रायपुर से इसी तरह की शिकायत प्रकाश में आई थी, पर अब तक
उनके क्षेत्र में ऐसे मामले सुनने नहीं मिले हैं। उपभोक्ता जागरूक, सजग व
सतर्क बनें और इसकी शिकायत तत्काल करें।

More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!