ओवर लोड ऑटो चलाने वाले वाहन चालकों के लाइसेंस निरस्त

Image result for ओवर लोड ऑटो

ग्वालियर।  हाईकोर्ट की युगल पीठ में परिवहन विभाग ने अपना जवाब पेश कर
दिया। परिवहन विभाग विभाग की ओर से बताया गाया कि ओवर लोड वाहन चलाने वाले
ड्राइवरों के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। हाईकोर्ट के आदेश के पालन में
वर्ष 2015 व 2016 में यह कार्रवाई की थी और पालन प्रतिवेदन रिपोर्ट पेश की
गई है। वहीं दूसरी ओर सीजेएम की ओर से जवाब आया कि हाईकोर्ट के आदेश की
कॉपी नहीं मिली है। इसलिए यह जानकारी नहीं मिल पाई कि उन्हें मोनिटरिंग
करनी है। कोर्ट ने सीजेएम को आदेश कॉपी पहुंचाने के निर्देश रजिस्ट्री को
दिए हैं।
गौरव पांडेय ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी।
10 दिसंबर 2012 को आदेश दिया था कि ऑटो में 12 से कम उम्र के पांच व 12 साल
से अधिक उम्र के 3बच्चों को बिठाया जा सकता है। आटो की क्षमता बढाने के
लिए लगाई गई लकड़ी की फटिट्यों को हटाया जाए। जो चालक नियमों का पालन नहीं
करता है तो उसका लाइसेंस व परमिट निरस्त किया जाए। हाईकोर्ट के आदेश की
निगरानी सभी जिले के सीजेएम करें और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित कराएं,
लेकिन आदेश का पालन नहीं हुआ। इसको लेकर गौरव पांडे ने अवमानना याचिका दायर
की। 2 अगस्त 2017 को मुरैना में ऑटो पलटने से एक बच्चे की मौत हो गई थी।
इस आटो में 5 बच्चों को बैठाने की क्षमता थी, लेकिन 15 बिठाए हुए था। 15
बच्चे घायल हुई थे। ऐसी स्थिति ग्वालियर शहर में है। ऑटो में क्षमता से
ज्यादा बच्चे बिठाए जा रहे हैं, लेकिन आरटीओ द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की
जा रही है। सोमवार को पूर्व आरटीओ अशोक निगम व आरटीओ एमपी सिंह कोर्ट में
उपस्थित हुए। उन्होंने पालन प्रतिवेदन रिपोर्ट से कोर्ट को अवगत कराया।
याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया कि ग्वालियर शहर में कार्रवाई की गई है,
शेष जगहों पर कार्रवाई नहीं की है। कोर्ट ने सुनवाई के जवाब पेश करने के
लिए दो सप्ताह का समय दे दिया।


संबंधित खबरें