भोपाल। रेयान पब्लिक स्कूल की घटना के बाद केंद्र व
राज्य सरकार स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को लेकर गंभीर
हो गए हैं। हाल ही में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान ने राज्य सरकार को
सभी स्कूलों में सुरक्षा के प्रबंध करने को कहा है।
इसके तहत जिला
एवं राज्य स्तर पर ‘शाला सुरक्षा सलाहकार समिति” गठित की जाएंगी। ये
समितियां स्कूलों में सुरक्षा के माकूल इंतजाम कराएंगी और उनकी मॉनीटरिंग
भी करेंगी। विभाग की इस प्लानिंग में रेयान पब्लिक स्कूल जैसी घटनाओं की
रोकथाम को भी शामिल किया जाएगा।
प्रदेश के सरकारी और 95 फीसदी निजी
स्कूलों में आगजनी, भूकंप सहित अन्य आपदाओं से निपटने की व्यवस्था नहीं है।
सैकड़ों स्कूल भवनों में दो गेट तक नहीं हैं। ऐसे में घटना होने पर स्कूल
भवनों से बाहर निकलना तक मुमकिन नहीं है। वहीं प्राकृतिक और अन्य घटनाएं भी
बढ़ रही हैं।
इसे देखते हुए ये प्रयास किए जा रहे हैं। योजना को
मूर्त रूप देने के लिए राज्य स्तर पर सेल गठित की जा रही है। इसमें स्कूल
शिक्षा विभाग, पुलिस, राज्य आपदा प्रबंधन संस्थान के अफसरों को रखा गया है।
उल्लेखनीय है कि इन समितियों के गठन को लेकर राज्य स्तर पर पहली बैठक हो
चुकी है।
हर स्कूल की बनेगी प्रबंधन योजना
प्रदेश
के प्रत्येक स्कूल और जिले की शाला प्रबंधन योजना तैयार की जाएगी। इसके
लिए राज्य आपदा प्रबंधन संस्थान हर जिले में 10-10 मास्टर ट्रेनर तैयार
करेगा। एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एवं गाइड, होमगार्ड और नेहरू युवा केंद्र के
प्रतिनिधि ट्रेनिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग को जिला
और राज्य स्तर पर समितियों के गठन एवं उनकी संरचना का प्रस्ताव तैयार करने
को कहा गया है।
डीईओ होंगे नोडल अधिकारी
हर
जिले में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा। ये
स्कूलों में आपदा प्रबंधन के इंतजाम देखेंगे और उनकी लगातार मॉनीटरिंग
करेंगे।
जल्द करेंगे गठन
हम स्कूलों में आपदा प्रबंधन को लेकर काम कर रहे हैं। समितियों का गठन होना है, जो जल्द ही कर दिया जाएगा। –
दीप्ति गौड़ मुकर्जी, प्रमुख सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग
राज्य सरकार स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को लेकर गंभीर
हो गए हैं। हाल ही में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान ने राज्य सरकार को
सभी स्कूलों में सुरक्षा के प्रबंध करने को कहा है।
एवं राज्य स्तर पर ‘शाला सुरक्षा सलाहकार समिति” गठित की जाएंगी। ये
समितियां स्कूलों में सुरक्षा के माकूल इंतजाम कराएंगी और उनकी मॉनीटरिंग
भी करेंगी। विभाग की इस प्लानिंग में रेयान पब्लिक स्कूल जैसी घटनाओं की
रोकथाम को भी शामिल किया जाएगा।
प्रदेश के सरकारी और 95 फीसदी निजी
स्कूलों में आगजनी, भूकंप सहित अन्य आपदाओं से निपटने की व्यवस्था नहीं है।
सैकड़ों स्कूल भवनों में दो गेट तक नहीं हैं। ऐसे में घटना होने पर स्कूल
भवनों से बाहर निकलना तक मुमकिन नहीं है। वहीं प्राकृतिक और अन्य घटनाएं भी
बढ़ रही हैं।
इसे देखते हुए ये प्रयास किए जा रहे हैं। योजना को
मूर्त रूप देने के लिए राज्य स्तर पर सेल गठित की जा रही है। इसमें स्कूल
शिक्षा विभाग, पुलिस, राज्य आपदा प्रबंधन संस्थान के अफसरों को रखा गया है।
उल्लेखनीय है कि इन समितियों के गठन को लेकर राज्य स्तर पर पहली बैठक हो
चुकी है।
हर स्कूल की बनेगी प्रबंधन योजना
प्रदेश
के प्रत्येक स्कूल और जिले की शाला प्रबंधन योजना तैयार की जाएगी। इसके
लिए राज्य आपदा प्रबंधन संस्थान हर जिले में 10-10 मास्टर ट्रेनर तैयार
करेगा। एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एवं गाइड, होमगार्ड और नेहरू युवा केंद्र के
प्रतिनिधि ट्रेनिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग को जिला
और राज्य स्तर पर समितियों के गठन एवं उनकी संरचना का प्रस्ताव तैयार करने
को कहा गया है।
डीईओ होंगे नोडल अधिकारी
हर
जिले में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा। ये
स्कूलों में आपदा प्रबंधन के इंतजाम देखेंगे और उनकी लगातार मॉनीटरिंग
करेंगे।
जल्द करेंगे गठन
हम स्कूलों में आपदा प्रबंधन को लेकर काम कर रहे हैं। समितियों का गठन होना है, जो जल्द ही कर दिया जाएगा। –
दीप्ति गौड़ मुकर्जी, प्रमुख सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग





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