कोलारस। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि अब प्रशासन माफियाओं से सीधे सीधे दो चार करने के लियें आमादा हो गया है। हालहि में पकडी बदरवास क्षेत्र से दो बोर मशीन के बाद जैसे ही दबंग माफियाओ ने प्रशासनिक अधिकारियों के स्थानांतरण कराने की धमकियां दी। उस धमकी को चुनौती समझ कर प्रशासन ने और अधिक शख्त रूख अपना लिया। प्रशासनिक सक्रियता अब इस कदर माफियाओ पर हावी हो गई है कि सुबह होते ही एसडीएम आर ए प्रजापति मय पुलिस बल के साथ इनको धर दवोचने निकल पडते है। विगत दिवस भी प्रशासनिक एडीएम प्रजापति मय दल बल के माफियाओ पर शख्त कार्यवाही करने के लिए निकले और रन्नौद एवं इन्दार क्षेत्र से दो वोर मशीन अपनी गिरफत में लेकर थाने को सुपर्द कर दी। वहीं राजगढ के ग्रामीण अंचल में भी अबैध बोर की सूचना जैसे ही एसडीएम कोलारस को मिली। बैसे ही उन्होने सक्रियता दिखाते हुये पुलिस बल का अलर्ट कर दिया। राजगढ क्षेत्र से माफिया उस मशीन को लेकर भाग निकले। जिला कलैक्टर ने सूखे की स्थिति को देखते हुये पहले ही अबैध वोर उत्खनन पर रोक के आदेश दे रखे है। इसके बाद भी वोर माफिया पैसे कमाने के चक्कर में धरती की छाती का छलनी करने में लगे हुये है। उनके होंसले इतने बुलंद इस कारण है कि पूर्व में भी वोर उत्खनन पर रोक के बाद भी सभी थानो की पुलिस पर उनका खाशा दबदवा होने के कारण और नोटो की गडडी की आड में पुलिस प्रशासन उनके अवैध काम को कोलारस क्षेत्र में कभी नही रोक पाई। वहीं पूर्व में एसडीएम कार्यालय से भी बडा लेन देन कर ये माफिया बाबूओ से सेटिंग कर वोर उत्खनन की परमीशन लेकर एक परमीशन पर 4-4 वोर कर देते थे। अंधेर नगरी चौपट राजा जैसी स्थिति पूर्व प्रशासनिक परीपेक्ष में देखने को मिली है। किन्तु हालहि में आये एसडीएम प्रजापति की सक्रियता के चलते ऐसा प्रतीत होने लगा है। कि अब इस क्षेत्र में अबैध वोर होना असंभव है। इसी तारतम्य में अब प्रशासनिक अमला अबैध उत्खनन को लेकर भी काफी गंभीर और सक्रिय हो गया है। अबैध उत्खनन करने बाले दिन रात बदरवास क्षेत्र की नदियों, पचावली, साखनौर सहित गोराटीला क्षेत्र से दिन रात अबैध उत्खनन करने में लगे है। पूर्व में पदस्थ एसडीएम की कार्यप्रणाली अबैध उत्खनन कम करने में पूरी तरह असफल रही। यही नही पूर्व पदस्थ एसडीएम एवं तहसीलदारो ने अबैध उत्खनन पर देखने दिखाने के लिए दम से कार्यवाही की थी किन्तु पूर्व में जप्त किये गये अबैध उत्खनन के माल की सुपुर्दगी की जांच की जाये तो प्रशासन ने ही माफियाओ के साथ मिल कर उस जप्त किये गये माल को विचवा दिया। आज जप्त किये गये माल का कोई अता पता नही है। वहीं अंदर खाने से तो यह भी जानकारी है। कि पूर्व में अबैध उत्खनन से दो राजस्व प्राप्त हुआ उसमें भी जांच की आवश्यकता है। अबैध उत्खनन के पैर पसारने में कोलारस बदरवास सहित अन्य क्षेत्रो की पुलिस बल की विशेष भूमिका रही है।
हाईवे पर थाने स्थित होने के बाद भी खुले में डम्पर एवं वाहन अबैध भण्डारन के साथ निकल रहे है। और पुलिस प्रशासन आंखे बंद कर बैठा हुआ है। माफिया खुले में पुलिस को महिना पहुंचाने की बात सीना ठोक कर कहते है। उनका कहना है कि पुलिस को छोटे छोटे अबैध कामो की जानकारी है। लेकिन बडे बडे वाहन हाईवे से अबैध उत्खनन कर माल ले जा रहे है क्या वह पुलिस को नही दिखता। वहीं जब भी पुलिस ने अबैध उत्खनन पकडा है तो उसका केश बना कर मायनिंग विभाग भेजने की जगह एसडीएम कार्यालय को भेजा है। जिससे अबैध उत्खनन कर्ताओ पर कोई कठोर कार्यवाही नही हो पाती। और आसानी से तहसील के बाबू अपनी रिपोर्ट में जप्ती का माल कम दिखा कर और अनुविभागीय अधिकारी की बाबू छोटा मोटा जुर्माना कर माफियाओ से लेन देने कर वाहन को छुडवा देते है। इस अबैध उत्खनन पर शक्ति से रोक तब लगेगी जब केश सीधे बना कर मायनिंग विभाग भेजे जाये और कुछ आदतम माफियाओ के वाहनो पर राजसात की कार्यवाही की जाये।
बॉक्स
इनका कहना है
मेरे कार्यकाल में वोर उत्खनन और अबैध उत्खनन को मैं किसी भी प्रकार से वर्दास्त नही करूंगा। ये माफिया चाहे कितनी बडी पहुंच बाले हो हम दिन रात सघन निरीक्षण करेंगे। सभी थानो के पुलिस बल को भी इस विषय में सूचित कर दिया गया है। यदि कहीं अबैध उत्खनन की सूचना मिले तो मुझे जैसे की जानकारी मिलेगी मैं तुरन्त प्रशासन को भेज कर सख्त कार्यवाही करूंगा। अभी भी रात्री मैं पचावली नदी पर प्रशासन के साथ निरीक्षण में हूं।
आर.ए. प्रजापति
एस.डी.एम कोलारस





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