शिवपुरी। स्वच्छ भारत अभियान के तहत सरकार करोडों रुपए खर्च कर रही है। इसके बाद भी लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। पंचायतों में बैठे जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण कई लोग इस योजना के लाभ लेने से वंचित है। जिले में ऐसे कई मामले हैं जिनमें शौचालय बनने के बाद भी लोगों को राशि नहीं मिली है। वहीं कई मामले में बिना शौचालय बने ही प्रोत्साहन राशि निकाल ली गई है। ऐसा ही मामला शिवपुरी जनपद की ग्राम पंचायत बिलोकलां में सामने आया है। ग्राम के दो भाई रमेश जाटव एवं बृजमोहन जाटव पुत्रगण ननकू जाटव द्वारा करीब एक वर्ष पूर्व ही अपने घर पर शौचालय बनवा लिए गए, लेकिन अभी तक पंचायत के कर्ताधर्ताओं द्वारा शौचालय के लिए मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया है। बृजमोहन ने बताया कि सबसे पहले पंचायत सचिव द्वारा उनसे कहा कि तुम दोनों भाईयों के शौचालय मंजूर हो चुके हैं और इसके बाद हमने शौचालय बनवाकर तैयार कर दिए गए। बृजमोहन ने बताया कि यह शौचालय उनके द्वारा कर्ज लेकर बनाए गए थे, क्योंकि उन्हें पता था कि बनने के बाद उनके खाते में पैसे आ जाएंगे तो वह उधार चुकता कर देंगे। लेकिन शौचालय पूर्ण हुए करीब एक वर्ष गुजर गया, लेकिन अभी तक शौचालयों की राशि उनके खाते में नहीं आई है। बृजमोहन ने बताया कि इस संबंध में उसके सहायक सचिव से भी बात की, लेकिन उसके द्वारा कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। सूत्रों की मानें तो ग्राम पंचायत बिलोकलां में इस तरह का यह कोई इकलौता मामला नहीं है, बल्कि ग्राम के कई लोगों का पंचायत के प्रतिनिधियों ने अभी तक भुगतान नहीं किया गया है।
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181 पर शिकायत के बाद भी समस्या जस की तस
बृजमोहन ने बताया कि मेरे द्वारा दो-तीन बार सीएम हेल्पलाइन 181 पर शिकायत की जा चुका है, लेकिन इसके बाद भी अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो चुका है। हेल्पलाइन पर उन्हें बताया गया कि उनके शौचालय के रूपए खाते में डलवा दिए गए हैं, लेकिन हकीकत में ग्रामीणों को आज भी अपने पैसों का इंतजार है।
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इनका कहना है
-ग्रामीणों द्वारा जो खाते दिए गए थे उनमें पैसों का भुगतान हो चुका है। ग्रामीणों द्वारा अगर पैसा न मिलने की बात कही जा रही है तो यह गलत है। इन शौचालयों के लिए ठेकेदार द्वारा सामान दिया गया था।
प्रदीप बाथम, रोजगार सहायक
ग्राम पंचायत बिलोकलां
-सूची में नाम पर आने पर ही शौचालयों का भुगतान होता है। बिलोकलां की सूची को दिखवा लिया जाएगा और अगर सूची में नाम होगा तो अवश्य भुगतान हो जाएगा।
नीतू माथुर
जिला पंचायत सीईओ शिवपुरी






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