करैरा। करैरा से 12 किलोमीटर दूर ग्राम बड़ौरा में सत्य शिव महायज्ञ एवं शिव मानस ज्ञान गंगा की कथा का आयोजन हो रहा है। यज्ञ कार्य काशी से पधारे आचार्य पण्डित योगेश द्वारा महारज कर्दम ऋषि के सानिध्य में कराया जा रहा है तथा शिव मानस ज्ञान गंगा का प्रवाह स्वयं श्री महाराज जी के द्वारा किया जा रहा है, आज की कथा में भगवान की कथाओं का वर्णन करते हुए बताया गया कि हम कल्पना में ही भगवान को रत्नजडित सिहांसन पर आसीन करते हैं, दिव्य वस्त्र, भोजन तथा आभूषण आदि अर्पण करते हैं। रत्नै: कल्पितमानसं हिमजलै: स्नानं च दिव्याम्बरं। नाना रत्न विभूषितम मृग मदामोदांकितम चंदनम ।। जाती चम्पक बिल्वपत्र रचितं पुष्पं च धूपं तथा। दीपं देव दयानिधे पशुपते हृत्कल्पितम गृह्यताम॥ अर्थात मैं अपने मन में ऐसी भावना करता हूं कि हे पशुपति देव! संपूर्ण रत्नों से निर्मित इस सिंहासन पर आप विराजमान होइए। हिमालय के शीतल जल से मैं आपको स्नान करवा रहा हूं। स्नान के उपरांत रत्नजडि़त दिव्य वस्त्र आपको अर्पित है। केसर-कस्तूरी में बनाया गया चंदन का तिलक आपके अंगों पर लगा रहा हूं। जूही, चंपा, बिल्वपत्र आदि की पुष्पांजलि आपको समर्पित है। सभी प्रकार की सुगंधित धूप और दीपक मानसिक प्रकार से आपको दर्शित करवा रहा हूं, आप ग्रहण कीजिए। कथा श्रवण करने व श्री गौड़ बाबा मंदिर पर पहली बार यज्ञ होने से दर्शन करने दूर दूर से भक्त पधार रहे है।






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