गांव के पास ओवरटेक करने के दौरान तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पलटते
हुए सड़क किनारे पेड़ से जा भिड़ी। हादसे में कार में पीछे बैठे तीन युवकों की
मौत हो गई। वहीं कार चला रहे युवक और उसके साथ बैठा दोस्त घायल हो गए।दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जाता है कि पांचों दोस्त
कुणाल की दिल्ली में जॉब लगने की खुशी में डोंडी घाटी स्थित हाईवे रिट्रीट
पर पोहा खाने जा रहे थे। मृतकों की पहचान भोपाल के कोलार रोड स्थित
सर्वधर्म सी सेक्टर निवासी हर्ष अरोरा (18), यश अरोरा (18) और कुणाल
अग्रवाल (23) के रूप में हुई।कोलार रोड पर रहने वाले ये सभी युवक गुरुवार सुबह 5 बजे कार्तिक की
सियाज कार से डोंडी घाटी स्थित हाईवे रिट्रीट पर नाश्ता करने के लिए रवाना
हुए थे। कार कार्तिक चला रहा था। उसके बाजू में कुशाग्र बैठा था।कार में पीछे की सीट पर यश उसका चचेरा भाई हर्ष और कुशाग्र का बड़ा भाई
कुणाल बैठे थे। कार जब खोखरी गांव के पास से गुजर रही थी, तभी एक वाहन को
ओवरटेक करने के बाद कई पलटियां खाते हुए सड़क किनारे पेड़ से जा भिड़ी।
कोलार में गुरुवार सुबह जैसे ही एक साथ तीन युवाओं की सड़क हादसे में मौत की
सूचना मिली, माहौल गमगीन हो गया। दोपहर 12 बजे सर्वधर्म सी सेक्टर से हर्ष
अरोरा और उसके चचेरे भाई यश अरोरा की अर्थियां एक साथ उठीं,तो वहां लोगों
की आंखें छलक आईं। उनका कोलार में अंतिम संस्कार किया गया। उधर, आर्चेड
पैलेस निवासी कुणाल अग्रवाल का शव अभी रिश्तेदारों के इंतजार में फ्रीजर
में रखा है। उसका अंतिम संस्कार संभवत: शुक्रवार को होगा। फोटो स्टूडियो के
व्यवसाय से जुड़ा अरोरा परिवार संयुक्त रूप से रहता है। दादी इंतजार करती रह गई लेकिन दोनों जिंदा नहीं लौटे। बता दें कि हर्ष के
पिता राजेश का सर्वध्ार्म कॉलोनी में विजय स्टूडियो है और यश के पिता को
मनीषा मार्केट में विजय स्टूडियो है। हर्ष 12 तक पढ़ने के बाद बोरिंग संबंधी
का काम भी करने लगा था।
मामा पहुंचे मौके पर
यश के मामा सतीश पाहूजा की सीहोर में किराना दुकान है। हादसे की सूचना पर
सबसे पहले वे मौके पर पहुंचे। इसके बाद आरोरा परिवार के लोग सीहोर अस्पताल
पहुंचे और दोनों बच्चों के शव भोपाल लाए।
मंत्री अंतरसिंह आर्य ने की घायलों की मदद
हादसे के दौरान घटना स्थल से गुजर रहे कैबिनेट मंत्री अंतरसिंह आर्य ने
अपनी कार को रोककर घायलों की मदद की और पुलिस को तत्काल हादसे की सूचना दी।
पास ही स्थित पेट्रोल पंप का स्टाफ मौके पर मदद के लिए गया था।






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