
इंदौर,।ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की टीम ने सोमवार को स्कूली वाहनों के खिलाफ अभियान शुरू किया। इस दौरान निपानिया क्षेत्र स्थित भवंस प्रॉमिनेंट स्कूल में कई गड़बड़ी सामने आई। स्कूल परिसर में मिली 27 बसों में जीपीएस और स्पीड गवर्नर नहीं थे। इनमें से 11 बसें बिना परमिट चल रही थी। वहीं तीन अन्य बसों में स्पीड गवर्नर होने के बाद भी बसें 70 किलोमीटर प्रतिघंटा से ज्यादा की रफ्तार से दौड़ी। इस लापरवाही पर स्कूल बसों के संचालन पर रोक लगाते हुए स्कूल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर की अनुशंसा की गई है।सुबह ट्रैफिक निरीक्षक एमए सैयद टीम के साथ स्कूल पहुंचे। गड़बड़ी पता चलने पर उन्होंने परिवहन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद परिवहन उपायुक्त संजय सोनी, उडनदस्ता प्रभारी किशोरसिंह बघेल, परिवहन निरीक्षक राजेंद्र पाटीदार पहुंचे। सोनी ने बताया नंवबर में ऑडिट में इस स्कूल की 11 बसों के खिलाफ बकाया निकाला था इसके बाद इन्हें टैक्स भरने के लिए नोटिस दिया गया था, लेकिन स्कूल प्रबंधन का तर्क था कि उसे कोर्ट से स्टे मिल चुका है, इस आधार पर कार्रवाई नहीं की गई।इसी बीच बसों के परमिट खत्म हो गए, लेकिन टैक्स बकाया होने के कारण उनका नवीनीकरण ही नहीं हो पाया। इसलिए बसें बिना परमिट ही चल रही थीं। अधिकारियों ने स्कूल परिसर में खड़ी स्पीड गवर्नर लगी तीन बसें जांच के लिए बाहर निकालीं। उपायुक्त की टीम के साथ पहुंचे चार्टर्ड बस के चालकों ने बसें चलाई तो तीसरे गियर में ही वे 70 किमी से ज्यादा की स्पीड से दौड़ने लगी। बस की स्थिति भी खराब थी।
सिर्फ पत्र लिखते रहे परिवहन अधिकारी
इस पूरे मामले में परिवहन और ट्रैफिक पुलिस के अफसरों की लापरवाही भी सामने आ रही है। भवंस प्रबंधन द्वारा लगातार नियमों की अवहेलना के बाद भी अधिकारी सिर्फ पत्र लिखते रहे। बसों के परिमट खत्म होने के बाद भी वे चलती रहीं, पर जानकारी होने के बाद भी किसी ने कार्रवाई नहीं की।
अधिकारियों और स्कूल प्रबंधन में ऐसे चली तीखी बहस
उपायुक्त : आप बसों का संचालन बंद करें।
स्कूल प्रबंधन : साहब बच्चों को कैसे ले जाएंगे।
उपायुक्त : आप खिलवाड़ कर रहे हैं, आपकी एक भी बस यहां से नहीं चलने देंगे।
स्कूल प्रबंधन : हमने कोर्ट में स्टे ले रखा है।
उपायुक्त : आपकी बसों के पास परमिट नहीं, आपको इतने पत्र लिखे आप अस्थायी परमिट के लिए आवदेन करें।
स्कूल प्रबंधन : हमें मदद नहीं मिली
उपायुक्त : झूठ बोल रहे हैं आप, अब तक स्पीड गवर्नर और जीपीएस क्यों नहीं लगवाए, 24 घंटे में सब बसों में लगाकर रिपोर्ट पेश करें।
स्कूल प्रबंधन : हम मंगलवार से लगवाएंगे।
उपायुक्त : मैं आपके खिलाफ प्रकरण दर्ज करवा दूंगा। हमारे एक अधिकारी को आप लोगों की गलती की वजह से हटाया गया है। आपने कल तक सुधार नहीं कराया तो हमसे बुरा कोई नहीं होगा।






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