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गरीब होता राशन से वंचित दबंग सेल्समैनों द्वारा कालाबाजारी की जा रही है राशन की

सत्ताधारी दल से जुड़े हैं सेल्समैंनो के तार

कोलारस। कोलारस सरकार जहां गरीबों को एक रुपए किलो गेहूं मिट्टी का तेल सस्ती दर पर देने के लिए यह योजना चला रही है परंतु कोलारस क्षेत्र में हकीकत कुछ और ही निकल कर सामने आ रही है जब हमारी टीम ने अधिकांश ग्रामों का दौरा किया तो सबसे पहले यह पता चला कि सरकार की योजनाओं में जमकर धांधली की जा रही है और सबसे अधिक समस्या राशन की दुकानों की निकली कोलारस क्षेत्र के सुनाज, झाडेल, साकनौंर, राई, किलावनी, राजगढ़, अटामानपुर, डोडयाई, रामपुर, वैरसिया, पहाडी, और अधिकांश ग्रामों में गरीबों को राशन समय पर नहीं मिल रहा और सेल्समैनों द्वारा या फिर गांव के दबंग लोगों के पास अधिकांश आदिवासियों के क्चक्करु कार्ड तक गिरवी रखे हुए हैं जिससे वह राशन से वंचित हो रहे हैं शिकायत करने के बाद भी कार्यवाही नहीं हो पाती है और यहां पदस्थ फूड इंस्पेक्टर द्वारा नोटिस देने के बाद भैंट पूजा आ जाने के बाद मामला रफा-दफा कर दिया जाता है कोलारस नगर में ही अधिकांश वार्डों में राशन दुकानों पर मनमानी चल रही है अंधेर नगरी चौपट राजा की तर्ज पर संचालित हो रही राशन की दुकानों पर तैनात अधिकांश सेल्समेन सत्ताधारी दल के नेताओं के समर्थक हैं जिससे कालाबाजारी का खेल राशन दुकानों पर भयंकर रूप धारण कर चुका है और इसका खामियाजा भाजपा को उपचुनाव की गिनती के दिन भुगतना पड़ सकता है मार्केटिंग सोसायटी से लेकर वन उपज संस्था के द्वारा यहां राशन दुकानें संचालित हैं और इन दोनों विभाग एवं सोसाइटियों में ही घोटाले पर घोटाले हो रहे हैं तो फिर राशन दुकानों पर भ्रष्टाचार क्यों नहीं होगा कोलारस विधानसभा क्षेत्र में मौजूद अधिकांश गांव में राशन रातोंरात सेल्समैनों द्वारा ब्लैक में बेच दिया जाता है बीते दिनों उप चुनाव के चलते क्षेत्र में मंत्री घूमे उनको भी राशन की शिकायतें अधिक मिली इसी तरह कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया को भी बीते माह ग्राम पचावली में ही आदिवासी महिलाओं ने सेल्समैन की शिकायत की थी परंतु आज तक उक्त सेल्समैन पर कार्यवाही नहीं हुई जिसके चलते सेल्समैनों के हौसले बुलंद बने हुए हैं भाजपा के शासन में सबसे अधिक भ्रष्टाचार चल रहा है इसको रोकने वाला कोई भी दिखाई नहीं दे रहा है इसी के चलते पूरी भाजपा को कोलारस उपचुनाव में प्रचार प्रसार के लिए आना पड़ा और पूरी दम लगानी पड़ी इसके बाद भी जीत की उम्मीद कहीं से कहीं तक दिखाई नहीं दे रही है यदि आने वाले चुनाव की तैयारी करनी है तो जनता की इन समस्याओं की ओर विशेष ध्यान देना होगा और जनता की समस्याओं को प्रमुखता के साथ उठाना होगा और भ्रष्टो पर कार्यवाही करनी पड़ेगी इसके बाद ही जनता सत्ताधारी दल पर विश्वास करेगी अन्यथा नहीं।

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