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पटवारी परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन से अभ्यार्थियों में आक्रोश, लगाया हेराफेरी का आरोप, पटवारी परीक्षा रद्द करने की मांग

3 अप्रैल को रैली कर सीएम के नाम एसडीएम को सौपेंगे ज्ञापन


कोलारस। पटवारी भर्ती परीक्षा में व्यापम द्वारा नॉर्मलाइजेशन के बाद अंकों में की गई हेेराफेरी के विरोध में रविवार को जिले भर के अभ्यर्थियों की एक बैठक बीईओ कार्यालय के प्रांगण में आयोजित की गई जिसमें सभी अभ्यर्थियों ने जिले के सभी विकासखंडों में स्थानीय स्तर पर एक शसक्त संगठन खड़ा कर आंदोलन करने की रणनीति बनाई जिससे प्रदेश के मुखिया की नींद टूट सके। ज्ञात हो कि नॉर्मलाइजेशन के चलते जिले के कई अभ्यर्थी पटवारी चयन से वंचित हो गए हैं जिससे उनके परिवार सदमे में हैं। सभी शिक्षित बेरोजगारों सहित अभ्यर्थियों ने कल 3 अप्रैल को नगर मेंं एक बड़ी रैली निकाल कर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया।
जानकारी के अनुसार व्यापम, पीईबी द्वारा विगत माह पटवारी परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों से आवेदन लिए गए थे जिसमें जिले भर से हजारों की संख्या में अभ्यर्थी शामिल हुए जिसमें सैकड़ों अभ्यर्थी नॉर्मलाइजेशेन के कारण पटवारी चयन से वंचित कर दिए गए जिससे स्वयं अभ्यर्थी एवं उनके परिवार बेहद चिंतित हैं कि नॉर्मलाइजेशन के नाम पर योग्य अभ्यर्थी को चयन से बंचित कर घोटाले किए जा रहे हैं। जिले भर के पटवारी अभ्यर्थी रविवार को कोलारस के विकासखंड शिक्षा कार्यालय के प्रांगण पर एकत्रित हुए जहां उन्होंने व्यापक एवं सरकार की मनमानी को लेकर रणनीति बनाई। बैठक में 3 अप्रैल को नगर में एक बड़ी निकाल कर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपने की घोषणा की, इसके अलावा शिवपुरी जिले के सभी ब्लॉकों में स्थानीय स्तर पर एवं जिला मुख्यालय पर एक संगठन खड़ा करने करने पर विचार किया गया जिससे प्रदेश के मुखिया सहित पीईबी की मनमानी व तानाशाही के खिलाफ आवाज बुलंद की जा सके। बैठक में अभ्यर्थी विनोद कुशवाह ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि पटवारी आंसर सीट में उनके 82 अंक आए थे लेकिन नॉर्मलाइजेशन के बाद 79 अंक कर दिए गए जिससे वे चयन से बंचित हो गए वहीं 79 अंक प्राप्त करने वाले छात्र नॉर्मलाइजेशन के बाद चयन सूची में स्थान पा गए। जिनके अंकों में हेराफेरी की गई है इस तरह के छात्र हजारों की संख्या में हैं। बैठक में उपस्थित छात्रों ने बताया कि अब शिक्षित बेरोजगारों सहित युवा वर्ग को पीईबी की संगठित और प्रदेश सरकार द्वारा संरक्षित ठगी के खिलाफ उठ खड़ा होने का समय आ गया है। सभी छात्रों ने एक स्वर सेे प्रदेश सरकार की चुप्पी की कड़ी निंदा करते हुए सीएम के खिलाफ नारेबाजी कर पटवारी परीक्षा को रद्द करने की मांग की।




ऑनलाइन परीक्षा को रद्द कर पुन: ली जाए ऑफलाइन परीक्षा

अभी जो पटवारी परीक्षा आयोजित की गई थी उसमें मेरे 82 नंबर थे जिसमें उन्होंने नॉर्मलाइजेशन के नाम पर घटाकर 79 कर दिए और मुझे सीधे बाहर कर दिया, वहीं किसी बच्चे के 74 और 75 से 80 से ऊपर कर दिया और उनका सिलेक्शन हो गया। इसलिए हम आज यह आंदोलन कर रहे हैं और जब तक करते रहेंगे तब तक की हमारी मांगें पूरी न हो जाएं। हमारे साथ इस तरह से धोखाधड़ी की गई है। नॉर्मलाइजेशन के नाम पर भ्रष्टाचार, धांधली की जा रही है। हमारा यह उद्देश्य है कि सभी की समान परीक्षा ली जाए सभी को समान पेपर दिया जाए और पटवारी की जो ऑनलाइन परीक्षा हुई थी उसे रद्द किया जाए। अगर हमारी माँगें पूरी नहीं की गई तो हम बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे और सरकार तथा व्यापम के जो कर्मचारी भ्रष्टाचार कर रहे हैं उन्हें बता देंगे कि स्टूडेंट्स ताकत क्या होती है।

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