
शिवपुरी। विगत दिवस शासकीय महाविद्यालय में छात्र संघ सचिव अमित दुबे के साथ मारपीट के संबंध में आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा प्रेसवार्ता का आयोजित कर घटना को निंदनीय बताते हुए घटना को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की माँग की। प्रेसवार्ता में छात्र संघ अध्यक्ष अनुप्रिया तंवर व सचिव अमित दुबे पर लगे आरोपियों को निराधार व बेबुनियाद बताया। बताया कि आशीष बिंदल व विपिन पवार दोनों के द्वारा यह भ्रम फैलाया गया कि वह अभाविप के व छात्रसंघ के पदाधिकारी है, परंतु सच यह है कि आशीष बिंदल को पूव में ही अभाविप से मुक्त कर दिया था और ऐसे असामाजिक सदस्यों का साथ देने पर विपिन पवार वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा आज ही कार्यमुक्त कर दिया गया है। अभाविप ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि ऋषभ करोसिया, आशीष बिंदल, विपिन पवार ने महाविद्यालय प्रबंधन एवं पुलिस अधीक्षक को जो बिंदु बताए हैं वे दोनों विरोधाभासी व पृथक-पृथक हैं, इस आधार पर इनका झूठ उजागर होता है इसलिए इन बिंदुओं पर जाँच की जानी चाहिए। ऋषभ करोसिया पर पूर्व से छेड़छाड़ का मामला दर्ज है। प्रेसवार्ता के दौरान अभाविप के विभाग संयोजक आशीष शर्मा, जिला संयोजक मयंक दीक्षित सहित छात्रसंघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
तीनों का महाविद्यालय में प्रवेश हो प्रतिबंधित
अभाविप के पदाधिकारियों ने बताया कि यह तीनों ही कॉलेज के छात्र नहीं है और न ही छात्रसंघ के पदाधिकारी तथा किसी संगठन के सदस्य भी नहीं है। ये आए दिन बाहरी लोगों के साथ मिलकर कॉलेज में गुंडागर्दी फैलाकर वातावरण को दूषित करते हैं और छात्राओं को परेशान भी करते हैं। ऐसी स्थिति में इन्हें महाविद्यालय में प्रवेश नहीं देना चाहिए।
जाँच समिति की भूमिका को बताया संदिग्ध
महाविद्यालय प्राचार्य व जाँच समिति की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए कहा कि जाँच समिति द्वारा न्यायालय की बात कहकर पूरे मामले में लीपापोती की जा रही है। जाँच के तुरंत बाद प्राचार्य 15 दिन की छुट्टी लेकर चले गए तथा नियम विरूद्ध महाविद्यालय के जूनियर प्रोफेसर को प्रभार देकर चले गए, वहीं जाँच प्रभारी प्रो. यूसी गुप्ता पैर फ्रेक्चर का बहाना बनाकर 4 दिन की छुट्टी पर चले गए हैं।
इनका कहना है
16 तारीख को छात्र संघ सचिव के साथ मारपीट की और हमने समाचार पत्रों के माध्यम से पढ़ा कि मारपीट करने वाला अपने आपको विद्यार्थी परिषद का कार्यकर्ता बता रहा था। इन सब बातों का खंडन करने के लिए हमने यह प्रेसवार्ता आयोजित की। विद्यार्थी परिषद पर आरोप लगाया कि वह चर्स और गाँजे का कॉलेज में धंधा करते हैं उन्हें संरक्षण प्रदान करते हैं तो विद्यार्थी परिषद इसका समर्थन नहीं करती है न ही ऐसे मामलों में विद्यार्थी परिषद का हाथ है।
आशीष शर्मा विभाग संयोजक
विगत दिवस जो मारपीट का मामला हुआ था उसे लेकर विद्यार्थी परिषद को भ्रमित करने का प्रयास किया गया उसकी सच्चाई लाने के लिए यह प्रेसकॉन्फ्रेंस रखी गई है। हमने प्रशासन माँग की है मामले की जाँच की जाए और जो भी दोषी हो उस पर निष्पक्ष रूप से कार्यवाही की जाए। अभी तक निष्पक्ष कार्यवाही नहीं हुई है।
अनुप्रिया तंवर, छात्रसंघ अध्यक्ष
हम जब से छात्रसंघ में तब से हमारा विजन था कि जो आउटर्स लोग वह कॉलेज के अंदर नहीं आए चूंकि आउटर्स के आने से कॉलेज में विशेष तौर से छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं होती है इसी माँग के कारण वह रंजिश रखने लगे और मेरे साथ मारपीट की।
अमित दुबे, सचिव
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