शिवपुरी। न्यायालय जेएमएफसी अभिषेक सक्सैना द्वारा आरोपी गोपाल शाक्य को 3 लाख रूपये के चैक बाउंस के मामले में परिवादी द्वारा आरोप सिद्ध नहीं करने के कारण आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया गया है। आरोपी की ओर से पैरवी एडवोकेट भरत ओझा द्वारा की गई।
परिवाद पत्र के अनुसार परिवादी संदीप शिवहरे पुत्र हीरालाल शिवहरे निवासी गांधी कॉलोनी शिवपुरी ने आरोपी गोपाल शाक्य पुत्र गिरधारीलाल शाक्य निवासी घोसीपुरा कमलागंज शिवपुरी को 3 लाख रूपये उधार ऋण के रूप में दिये थे जिसके बदले में आरोपी ने परिवादी को एक चैक दिया था जिसे परिवादी ने अपने बैंक में भुगतान हेतु प्रस्तुत किया तो उक्त चैक बैंक द्वारा खाते में निधि ना होने के कारण बिना भुगतान के परिवादी को वापस प्राप्त हो गया था इसके बाद परिवादी ने आरोपी को नोटिस जारी किया। नोटिस प्राप्त के पश्चात आरोपी द्वारा पैसों का भुगतान नहीं करने पर परिरवादी द्वारा माननीय न्यायालय के समक्ष आरोपी के विरूद्ध धारा 138 नेगोसियेबल इनस्टूमेंट एक्ट के तहत चैक का दावा प्रस्तुत किया गया था और अपनी साक्ष्य कराई गई। दोनों अधिवक्ताओं के तर्क सुनने के पश्चात न्यायालय द्वारा निर्णय पारित किया गया कि प्रकरण में परिवादी आरोपी को 3 लाख रूपये देना प्रमाणित नहीं कर पाया था तथा अभियुक्त द्वारा दिया गया चैक वैध रूप से वसूली योग्य ऋण या दायित्व के उन्मोचन के लिए नहीं दिया गया था। इस कारण माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी गोपाल शाक्य को धारा 138 नेगोसियेबल इंस्टूमेंट की धारा दोषमुक्त किया गया है आरोपी की ओर से पैरवी भरत ओझा एड. द्वारा की गई।






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