
के हैं जिससे जल स्तर नीचे जाने से ट्यूबबैलों ने गर्मी से पूर्व ही दम तोड़ दिया है। शहर के नगरपालिका के अधिकांश ट्यूबबैलों में पानी नहीं है यह बात हम नहीं कह रहे बल्कि खुद नगरपालिका के जिम्मेदार कह रहे हैं। यहाँ गौर करने वाली बात यह है कि यदि नगरपालिका के बोरों में पानी नहीं है फिर नगरपालिका द्वारा इन बोरों पर जो अटेंडर लगाए गए हैं उनका इन पर क्या काम है? हकीकत तो यह है कि इन बोरों पर अटेंडर सिर्फ कागजों में ही है धरातल पर कहीं से कहीं तक दिखाई नहीं देते हैं। नगरपालिका से इन अटेंडरों को लाखों की सैलरी का प्रतिमाह भुगतान किया जाता है। सूत्रों की मानें तो इन अटेंडरों में अधिकांश अटेंडर नगरपालिका अध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह अपने रिश्तेदार और चेहतों को लगा रखा है इसलिए नपा की गुल्लक इनके लिए अभी भी खुली हुई है।






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