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यशोधरा राजे की मंशा पर कुटाराघात कर रहे नपाध्यक्ष मुन्नालाल, भ्रष्टाचार के लगे कई आरोप

शिवपुरी। मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया जल संकट को दूर करने के लिए दिन रात एक कर रही है वहीं दूसरी ओर नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह निष्क्रिय बने हुए हैं। सिंध जलावर्धन योजना के खराब गुणवत्ताविहीन कार्य के लिए वह दोषी हैं और पुत्र मोह में उन्होंने सारी नगरपालिका को गिरवी रख दिया है। यह बात हम नहीं कह रहे बल्कि कैबिनेट मंंत्री और शिवपुरी विधायक यशोधरा राजे सिंधिया के विधायक प्रतिनिधि और पूर्व पार्षद राजू गुर्जर लगा चुके हैं। मुन्नालाल कुशवाह पर आरोप तो यहाँ लगे हैं कि घर-घर तक पानी पहुंचाने की उनकी जिम्मेदारी है, लेकिन वह सिर्फ पाइप पर बैठकर फोटो खिंचा रहे हैं और वीडियो बनवाकर जनता को मूर्ख बना रहे हैं। नगर की सीमा तक पानी यशोधरा राजे सिंधिया की बदौलत आया है जिन्होंने दिन रात मेहनत की, अधिकारियों को कसा, दोशियान को विवश किया, काम करने के लिए पर्यावरण की अड़चनें दूर की, कार्य को गतिशील किया, लेकिन मुन्नालाल बताएं, आपने क्या किया? पुत्र मोह में सारी नगरपालिका को गिरवी रख दिया। वह जवाब दें कि उनकी जनता के प्रति कोई जवाबदेही बनती है अथवा नहीं। वह अपने कर्मों की वजह से जेल तक की सैर कर चुके हैं। जनता से नजरें मिलाने की उनमें हिम्मत नहीं है, क्योंकि सारा कार्य उन्हीं की निगरानी में हुआ है। शिवपुरी को नर्क बनाने में नपाध्यक्ष की भूमिका को लोग कभी नहीं भूलेंगे। जिन जनप्रतिनिधियों को जनता ने वोट देकर पानी की किल्लत को दूर करने के लिए चुना था उनमें से अधिकांश टैंकरों की सप्लाई की अंधेरगर्दी में खुले डूबे रहे। नगरपालिका में बेशर्मी की हद यह है कि चुने हुए कई लोग खुलेआम यह कहते रहे नगरपालिका से हमारी दाल रोटी चलती है और ऐसे लोगों को नपाध्यक्ष खुलेआम संरक्षण दे रहे हैं।

नपाध्यक्ष के खिलाफ पार्षद दे चुके धरना

विगत माह नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए वार्ड 11 की पार्षद नीलम बघेल और वार्ड 15 के पार्षद अरूण पंडित धरना दे चुके हैं। दोनों पार्षदों का कहना था कि मुन्नालाल कुशवाह ने भ्रष्टाचार की सारी मर्यादाएं पार कर दी हैं। शहर की जनता पानी के लिए त्राहि-त्राहि मचा रही है और नपाध्यक्ष के कान पर जू तक नही रेंग रही। दोनों पार्षदों का आरोप है कि नपाध्यक्ष शहर की व्यवस्थाओं में अडंगा लगा रहे है। श्रीमंत मडीखेड़ा डेम के पानी को शहर तक तो ले आई परंतु अभी तक नपाध्यक्ष इस पानी को टोटियों में नहीं पहुंचा सके है। 

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