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ग्यारहवे सामूहिक विवाह सम्मेलन में मांझी समाज के21 जोड़े बंधे परिणय

शिवपुरी।  मांझी समाज के मीडिया प्रभारी जतिन बाथम के अनुसार मांझी समाज द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन के माध्यम से समाजजन समाज संगठन की शक्ति को प्रदर्शित करते है और इससे दूर-दराज के मांझी समाज भी जुड़ते है ऐसे आयोजन समाज के लिए आदर्श है जिसके चलते आज इस समाज ने अपनी नई पहचान सामाजिक संगठन के रूप में दर्शाकर आदर्श सामूहिक विवाह सम्मेलन के रूप में बनाई है जो अन्य समाजों के लिए भी अनुकरणीय है क्योंकि आज के परिवेश सामूहिक विवाह सम्मेलन समय की मांग है उक्त उदगार श्री राजू बाथम जी(उपाध्यक्ष मछुआ कल्याण बोर्ड राज्यमंत्री दर्जा) आदर्श सामूहिक विवाह सम्मेलन कार्यक्रम को मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित कर रहे थे। इस दौरान विशिष्ट अतिथिद्वयों में श्री हरज्ञान प्रजापति , श्री अफजल खान ,राजेश बाथम (अध्यक्ष सम्मेल्लन) श्री गिर्राज बाथम श्री मोहन बाथम(जिलाध्यक्ष मांझी जनजाती कल्याणकारी संस्था) डॉ.हरी शंकर बाथम अजय खेमरिया और श्री भरत अग्रवाल आदि मंचासीन थे। कार्यक्रम की शुरूआत मॉं सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्जवलन व माल्यार्पण के साथ हुआ तत्पश्चात अतिथियों का स्वागत हुआ।
  सामूहिक विवाह सम्मेलन में भाग लेने वाले सभी 21 जोड़ों को अतिथियों ने आर्शीवाद प्रदान कर सुखद भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में अपने विचार रखते हुए सामूहिक विवाह सम्मेलन के अध्यक्ष श्री राजेश बाथम ने कहा कि आज मांझी समाज की कला के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी आगे आ रहा है जिसमें राजनीति, व्यावसाय, शिक्षा, समाजसेवा, चिकित्सा व कौशल उन्न्नयन क्षेत्र ऐसे में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर समाज को गौरान्वित करने वाली इन प्रतिभाओं से ही समाज का नाम रोशन होता है यह हमारे लिए प्रशंसा की बात है। कार्यक्रम का संचालन अजय बाथम और महेंद्र बाथम ने जबकि आभार प्रदर्शन देवेन्द्र बाथम के द्वारा व्यक्त किया गया।

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