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कोर्ट का अभूतपूर्व फैसला: अनाथ आश्रम कांड के आरोपी पिता-पुत्री को उम्रकैद की सजा, मृत्युपर्यंत रहना होगा जेल में

शिवपुरी। विशेष एवं सत्र न्यायाधीश अरूण कुमार वर्मा की कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर अनाथम आश्रम सेक्स कांड के मामले में आश्रम की संचालिका शकुंतला परार्मश समिति की संचालिका एड. शैला अग्रवाल और उसके पिता प्रोफेसर के एन अग्रवाल सुनवाई करते हुए माननीय न्यायाधीश ने दोनों आरोपियों को अलग अलग धाराओं में सश्रम कारावास सहित आजीवन जेल की सजा सुनाई है। आरोपियों को मृत्युपर्यंत जेल में रहना होगा। इस मामले में शैला अग्रवाल की पैरवी विजय तिवारी ने की। वही इस मामले में शासन की और से पैरवी लोक अभियोजन स्वरूप नारायण भान ने की। 
अभियोजन के अनुसार तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मो.यूसूफ कुरैशी ने इस मामले का भंडाफोड करते हुए 16 नवंबर 2016 को इस आश्रम की आड़ में चल रहे चकलाघर का मामला प्रमुखता से उठाते हुए इस आश्रम की संचालिका एडवोकेट शैला अग्रवाल और इनके पिता सेक्सी बाबा प्रोफेसर के एल अग्रवाल को हिरासत में ले लिया था। हिरासत में लेते हुए शिवपुरी कोतवाली में टीआई संजय मिश्रा ने 7 मासूम बच्चीयों की रिपोर्ट पर चार आरोपीयों के खिलाफ धारा 376,323,354,506,190,120 आईपीसी एवम पास्को एक्ट की धारा 3,4,5,6,7,8,9 एवम एससी एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया था।
इस मामले की सुनवाई करते हुए विशेष सत्र न्यायाधीश श्री अरूण कुमार वर्मा ने तथ्यो पर तर्को की सुनवाई करते हुए सेक्सी बाबा उर्र्फ प्रोफेसर केएल अग्रवाल को बलात्कार और मासूमो के साथ दुष्प्रेरण का दोषी ठहराते हुए अलग-अलग 5 मामलो में पिता-पुत्री को आजीवन कारावास से दंडित किया है साथ ही माननीय न्यायाधीश द्वारा इस फैसले पर टीप लगाते हुए मुत्यु पर्यंत तक का दंड दिया है। इस मामले की सुनवाई के दौरान दोषी करार दिए जाने पर शैला अग्रवाल के वकील विजय तिवारी ने शैला अग्रवाल का पिछला कोई भी अपराधिक रिकार्ड नही होना और शैला अग्रवाल का अधिवक्ता से जुडा होना साथ ही आरोपी के एलअग्रवाल के उम्र का हवाला देकर रियायत बरतने की मांग की जिसे माननीय न्यायाधीश ने ठुकरा दिया। 
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