
योगेन्द्र जैन, पोहरी– ऐसे अभिभावक जो जानकारी के अभाव में अपने बच्चों का भविष्य संवारने की बजाय अंधकार में तो धकेलते ही हैं, साथ ही अपने पसीने की मोटी कमाई को भी गंवा देते हैं। पोहरी में शिक्षामाफियाओं ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं, इससे पूर्व कि अभिभावक इनकी मीठी-मीठी बातों और लुभावने होर्डिंग्स, बैनर के चक्कर में फंसकर अपने बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करें उससे पहले ही फास्ट समाचार डॉट कॉम आपको सचेत कर रहा है। सूत्रों की मानें तो पोहरी में सिर्फ तीन ही स्कूलों के पास कक्षा 12 वीं तक की मान्यता है जबकि एक स्कूल की मान्यता 10 वीं तक की है इसके अलावा कई स्कूल 12 वीं और 10 वीं तक के बच्चों को एडमिट करा रहे हैं। यदि अभिभावक जानकारी के अभाव में इनके चक्कर में फंस गए तो निश्चित ही इनकी गाढ़े पसीने की मोटी कमाई भी जा सकती है।
प्रशासन और शिक्षा विभाग की अनदेखी से हौंसले बुलंद
शिक्षामाफियाओं द्वारा खुलेआम अपने मंसूबों को अंजाम दिया जा रहा है और सबकुछ जानकर भी प्रशासन और शिक्षा विभाग मौन साधे हुए हैं यही कारण है इन माफियाओं के हौंसले बुलंद बने हुए हैं और दिन दूनी रात चौगुनी अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रहे हैं। जिम्मेदारों की अनदेखी से अंदाजा लगाया जा रहा है कि कहीं न कहीं यह माफियाओं के तार इनसे जुड़े हुए हैं। बताया तो यहां तक जाता है कि इनके द्वारा मोटी रकम पहुंचाकर अपने कृत्यों को छुपाया जाता है।
कलेक्टर मैडम से न्याय की आस
नवागत कलेक्टर शिल्पा गुप्ता से लोगों को आस है कि वह जल्द ही इन शिक्षा माफियाओं के खिलाफ कोई सख्त कदम उठाएंगी। खासबात यह है कि कलेक्टर मैडम शिक्षा विभाग में ज्यादा रुचि लेती हैं और खामियों को उजागर करने में माहिर हैं। अब देखना है कि पोहरी के इन शिक्षा माफियाओं पर कब तक कार्यवाही का शिकंजा कसता है।






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