
विदिशा। वर्तमान समय में अपराध एवं अपराधियों के स्तर में इजाफा होता जा रहा है, समाज में कानून एवं शांति की महत्वपूर्ण आवश्यकता भी है एवं जरूरत भी। इसी के मद्येनजर मध्य प्रदेश सरकार ने कुछ अपराधों को लेकर विशेष नजरिया अपनाया हुआ है एवं इसी के चलते प्रदेश में वर्ष 2008 से जारी जघन्य व सनसनीखेज प्रकरणों को चिन्हित करते हुए उनकी विवेचना एवं न्यायालय के समक्ष सशक्त पैरवी की नीति लागू की है। जो लगातार सफलता के नये आयाम गढ़ते हुए प्रदेश सरकार की सबसे सफल नीतियों में से एक के रूप में पहचानी जा रही है।
जिला विदिषा में बनी है मॉनीटरिंग कमेटी
प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी की मंशा अनुसार इस नीति के तहत गंभीर किस्म के अपराधों को चिन्हित किया जाता है एवं इन प्रकरणों में त्वरित एवं शीघ्र विवेचना के साथ ही सशक्त अभियोजन कार्यवाही की जाती है। इस प्रकार के मामलों की मॉनीटरिंग के लिए विदिशा में भी जिला स्तर पर एक मॉनीटरिंग कमेटी गठित है जिसमें जिले के जिलाधीश कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, पुलिस अधीक्षक विनीत कपूर एवं उपसंचालक अभियोजन आई.पी. मिश्रा शामिल हैं। राज्य स्तर पर मॉनीटरिंग समिति में प्रमुख सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक एवं संचालक लोक अभियोजन द्वारा चिन्हित प्रकरणों की मॉनीटरिंग की जाती है।
राज्य शासन ने जघन्य एवं सनसनीखेज मामलों को चिन्हित कर ऐंसे प्रकरणों में सक्षम पैरवी के लिए उपसंचालक अभियोजन एवं जिला अभियोजन स्तर के अधिकारियों को तैनात किया हुआ है।
लगातार बढ़ रहा दोषसिद्धि का प्रतिशत
हत्या, डकैती, बलात्कार जैंसे गंभीर मामलों के चिन्हित अपराधों में दोषसिद्धि का प्रतिशत निरंतर बढ़ता जा रहा है। चिन्हित अपराधों में वर्ष 2016 में दोषसिद्धि का प्रतिशत 67 तो वहीं वर्ष 2017 में 71.18 रहा, जो कि इस मई माह में बढ़कर 80 प्रतिशत हो चुका है। जिला विदिशा में भी अभियोजन को जघन्य एवं सनसनीखेज स्तर के प्रकरणों में अभूतपूर्व सफलता हासिल हुई जिसमें मार्च माह में 02 प्रकरणों में आरोपियों रामलखन मेहरा एवं अपनी पत्नी की हत्या करने वाले सुखदेव रैकवार निवासी खैरोंदा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। प्रदेश में माह मई में दो प्रकरणों, जिला इंदौर के थाना सराफा के मामले में आरोपी नवीन उर्फ अजय एवं जिला धार के थाना मनावर के मामले में आरोपी करण उर्फ फितिया को मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने के साथ ही अन्य 38 प्रकरणों में आजीवन कारावास की सजा आरोपियों को हुई है। वर्ष 2018 के अभी तक चिन्हित मामलों में 04 मामलों में मृत्युदंड की सजा सहित आरोपियों को दोषसिद्ध किए जाने का औसत लगभग 75 प्रतिशत हो चुका है जो कि लोक अभियोजन मध्य प्रदेश की एक अभूतपूर्व सफलता है।
महानिदेशक अभियोजन राजेन्द्र कुमार द्वारा जघन्य प्रकरणों में प्राप्त सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा है कि जघन्य प्रकरणों में सफलता का मुख्य कारण स्तरीय अनुसंधान एवं अभियोजन अधिकारियों द्वारा की जा रही सशक्त पैरवी है। उन्होंने कहा कि जघन्य प्रकरणों की प्रगति की प्रति माह समीक्षा की जाती है तथा अभियोजन अधिकारियों का अच्छा कार्य करने हेतु लगातार प्रोत्साहित किया जाता है।






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