कलेक्टर यदि 6 माह के टेंडरों के रिकॉर्ड की जांच कराएं तो खुल सकता है बड़ा फर्जीवाड़ा

कोलारस। प्रदेश सरकार एवं नगरीय निकाय विभाग का स्पष्टï आदेश है कि किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य से लेकर सामग्री खरीदी एवं अन्य बडे कार्यो को करने के लिए तीन पेपरो में निविदाये जारी की जाये जिसमें प्रदेश स्तर, संभाग स्तर, लोकल स्तर के समाचार पत्रो एवं नेट पर ऑनलाईन निविदाये आमंत्रित की जाये। जिससे अनेक ठेकेदार नीलामी की प्रक्रिया में भाग ले पाये। तथा भुगतान कम दर पर उच्च श्रेणी के ठेकेदार द्वारा टेण्डर प्रक्रिया में शामिल हो सके। जिससे निर्माण का कार्य की गुणवत्ता वेहतर हो तथा दरे कम आने पर स्थानीय संस्था एवं सरकार को लाभ मिल सके। किन्तु नियमो को खुटी पर टांगते हुये यहां इन सबका उलंघन किया गया। जिसका जीता जाता उदाहरण बीते 6 माह के दौरान किये गये टेण्डर प्रक्रिया की पडताल यदि कलैक्टर करा ले तो इसमें चहेते, वेहतर कमीशन देने बाले चंद ठेकेदारो को लाभ देने के लिए ऐसे समाचार पत्रो का सहारा लिया गया जो या तो बटते नही है या फिर बटते है तो उनकी सारी कॉपी डम्प कर ली गई। कुल मिला कर अखबार की निविदा का लाभ दूसरे ठेकेदारो को न मिल पाये इस लिए स्वयं को वेहतर कमीशन देने बाले चंद ठेकेदारो को लाभ देने के लिए गोपनीय रूप से निविदाये आमंत्रित कर चंद ठेकेदारो को लाभ दिया गया। जो कि गंभीर अनिमित्ता को उजागर करता है। यदि कलैक्टर महोदय उक्त 6 माह के बीच जारी निविदाओ के समाचार पत्रो का अध्यन, ठेकेदार कहां कहां से आये, ठेकेदारो ने न्यूनतम दर कहां तक रखी इनके अलावा क्या ठेकेदार एक क्षेत्र एवं समाज विशेष के है। इन पर जांच करा ली जाये तो नगर परिषद बदरवास के मुखिया द्वारा चंद लाभ प्राप्त करने के लिए शासन की राशि के दुरूपयोग एवं फर्जीबाडे का मामला एका एक सामने आ जायेगा।







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