20 साल से निलंबित सचिव को बहाल करने का मुद्दा गरमाया
शिवपुरी। विगत चार तारीखों से लगातार टाली जा रही जिला पंचायत सदस्यों की बैठक आखिरकार सदस्यों के दबाव में बुधवार को जिला मुख्यालय स्थित जिला पंचायत कार्यालय में संपन्न हुई जिसमें भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। जिला पंचायत सदस्यों द्वारा जिला पंचायत की राशि को सीईओ द्वारा मनमाने रवैये से खर्च किए जाने पर खासा बवाल मचाया गया जबकि बीस साल से निलंबित एक जिला पंचायत सैकेट्री को अचानक बहाल किए जाने पर भी सदस्यों ने इसे नियम विरूद्ध बहाली बताते हुए सीईओ को जमकर खरी-खोटी सुनाईं। उधर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमति यादव और सांसद प्रतिनिधी रामवीर सिंह यादव सहित कई जिला पंचायत सदस्यों ने मीटिंग से पूर्व बातचीत में जिला पंचायत सीईओ राजेश जैन पर यह आरोप लगाए कि सैकेट्री की नियम विरूद्ध बहाली और जिला पंचायत की लगभग ढाई करोड की राशि सामुदायिक भवन के नाम पर खुर्द-बुर्द किए जाने के सवालों से बचने के लिए ही सीईओ द्वारा 22 जून 5 जुलाई 7 जुलाई और 13 जुलाई की बैठक को टाला गया और बडी मुश्किल से बुधवार को सदस्यों के भारी दबाव के बाद यह बैठक संपन्न हो सकी है। गौरतलब है कि जिला पंचायत सदस्यों के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मति कमला बैजनाथ सिंह यादव ने भी जिला पंचायत सीईओ की कार्यवाही को कटघरे में खडा करते हुए यह आरोप लगाए हैं कि सीईओ द्वारा शासिकीय राशि का मनमाने तरीके से दुरूपयोग किया जा रहा है। सीईओ पर आरोप है कि उन्होंने कोलारस में सामुदायिक भवनों के लिए अनयमित तरीकों से लगभग ढाई करोड की राशि का आवंटन कर दिया जबकि नियम यह है कि इस तरह के किसी भी कार्य के लिए बिना जिला पंचायत की साधारण सभा की बैठक के अनुमोदन के राशि आवंटित नहीं की जा सकती। इसी तरह सीईओ पर यह आरोप भी है कि सैकेट्री सुरेश धाकड जिनपर बिजरौना,गिंदौरा और धामनटूक जैसी तीन-तीन पंचायतों का प्रभार था और उनपर लाखों के गवन के बाद मामला भी चल रहा था उन्हें बीस साल से निलंबित होने के बावजूद अचानक बहाल कर दिया गया। जिला पंचायत सदस्यों का कहना है कि नियमानुसार इस तरह के मामले में तबतक बहाली नहीं हो सकती जब तक गवन का पैसा वापस जमा न करा लिया जाए या मामले में एफआर न लग जाए। साधारण सभा की बैठक में इस बात को लेकर भी खासा हंगामा रहा कि पूर्व की बैठकों में सभी पंचायतों के लिए जिन-जिन सदस्यों को राशि उनके क्षेत्र के कार्यों के लिए आवंटित की जाने का प्रस्ताव रखा गया था उसपर बाद में कोई कार्यवाही ही नहीं की गई। कुल मिलाकर जिला पंचायत की साधारण सभा की बैठक में हुए हंगामे के बाद जिला पंचायत सीईओ सदस्यों के सवालों से कन्नी काटते नजर आये जबकि समाचार लिखे जाने तक मीटिंग में हंगामा जारी था।
इनका कहना है
सदस्यों के सवालों से बचने के लिए सीईओ चार बार मीटिंग कैंसिल कर चुके हैं। कर्मचारी की बहाली हो या जिला पंचायत की राशि का आवंटन,सीईओ द्वारा सभी मामलों में नियम विरूद्ध प्रक्रिया अपनाई गई है। इस मामले में जिला कलेक्टर को तुरंत हस्तक्षेप कर जाँच कराई जाना चाहिए।
रामवीर सिंह यादव,सांसद प्रतिनिधी जिला पंचायत शिवपुरी






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