Press "Enter" to skip to content

यशोधरा राजे के मनाने के बाद फिर से बैठक में शामिल हुई जिपं अध्यक्ष और सदस्य

सीईओ की कार्यप्रणाली से नाराज सदस्यों ने कर दिया था बैठक का बहिष्कार

शिवपुरी। कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के शिवपुरी प्रवास के अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश जैन ने जिला पंचायत की साधारण सभा की बैठक आहूत की, लेकिन बैठक में यशोधरा राजे सिंधिया के आने से पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश जैन की कार्यप्रणाली से नाराज होकर अध्यक्ष श्रीमती कमला-बैजनाथ सिंह यादव और सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। इसके बाद यशोधरा राजे सिंधिया जिला पंचायत में बैठक में पहुंची तो वहां उन्हें प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा कोई नहीं मिला। पूरी वस्तुस्थिति जानकर यशोधरा राजे सिंधिया बैठक से उठकर जिला पंचायत कार्यालय से 100-200 मीटर दूर स्थित डीआरडीए कार्यालय पहुंचीं जहां बहिष्कार करने वाले सदस्य और जिला पंचायत अध्यक्ष बैठीं हुईं थीं जिन्हें मनाकर यशोधरा राजे सिंधिया बैठक में लाईं।
हुआ यह कि आज जैसे ही जिला पंचायत कार्यालय में बैठक शुरू हुई वैसे ही सीईओ राजेश जैन यशोधरा राजे सिंधिया के शहर में आने की सूचना मिलते ही उन्हें लेने चले गए, लेकिन उन्होंने अध्यक्ष और सदस्य को कुछ नहीं बताया। जब काफी देर तक श्री जैन नहीं आए तो खफा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला-बैजनाथ सिंह यादव और सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। उस समय बैठक में लगभग 15 जिला पंचायत सदस्य थे जिनमें भाजपा की रामकली चौधरी और पूर्व जिला पंचायत सदस्य सतीश फौजी की धर्मपत्नी भी थी। जिला पंचायत सदस्य योगेन्द्र रघुवंशी बंटी भैया ने बताया कि सीईओ राजेश जैन मनमानी पर उतारू हैं। पिछले चार माह से वह बैठक बुलाने में टालमटोली कर रहे हैं। अध्यक्ष और सदस्यों द्वारा बैठक की जो तिथि बताई जाती उस तारीख पर बैठक नहीं करते हैं। सांसद प्रतिनिधि रामवीर सिंह यादव ने सीईओ की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि उनके द्वारा शासकीय राशि का मनमाने तरीके से दुरूपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कोलारस में सामुदायिक भवनों के लिए अनियमित तरीकों से लगभग ढाई करोड़ रूपये की राशि का आबंटन कर दिया जबकि नियम यह है कि इस तरह के किसी भी कार्य के लिए जिला पंचायत की साधारण सभा का अनुमोदन आवश्यक है। सीईओ ने मनमाने तरीके से सेकेट्री सुरेश धाकड़ जो कि पिछले 20 सालों से निलंबित था उसे अचानक बहाल कर दिया। सेकेट्री पर गबन का आरोप है और ऐसे मामलों मेें तब तक बहाली नहीं होती जब तक की गबन का पैसा वापस न कर दिया जाए या मामले में एफआर न लग जाए। 

इनका कहना है

सदस्यों के सवालों से बचने के लिए सीईओ चार बार बैठक स्थगित कर चुके हैं। कर्मचारी की बहाली हो या जिला पंचायत की राशि का आबंटन सीईओ द्वारा सभी मामलों में नियम विरूद्ध प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इस मामले में कलेक्टर को तुरंत हस्तक्षेप कर जांच कराना चाहिए।
रामवीर सिंह यादव सांसद प्रतिनिधि जिला पंचायत शिवपुरी 

More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!