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मनमाने ढंग से बिंदु पारित कर 15 मिनट में परिषद से भागे मुन्नालाल, देखते रह गए पार्षद

भाजपा पार्षदों ने परिषद में लगाए नपाध्यक्ष और उपाध्यक्ष विरोधी नारे, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन 

शिवपुरी। नगर पालिका परिषद के विशेष व्यापक सम्मेलन आज अचानक बुलाया गया। इस सम्मेलन में 16 जुलाई को स्थगित बैठक के बिन्दु पारित करने की नपा प्रशासन ने योजना बनाई जिस कारण गुपचुप रूप से सम्मेलन बुलाया गया। कल देर रात नपा के नोटिस बोर्ड पर सम्मेलन की सूचना चस्पा की गई, लेकिन पार्षदों को किसी तरह इस योजना की भनक लग गई जिस कारण आज का सम्मेलन हंगामे की भेंट चढ़ गया। सम्मेलन में नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह और उपाध्यक्ष अन्नी शर्मा सहित लगभग सभी पार्षद मौजूद थे, लेकिन नगर पालिका सीएमओ गोविन्द भार्गव की अनुपस्थिति थी और उनके स्थान पर कार्यवाहक सीएमओ आरडी शर्मा सम्मेलन में मौजूद रहे। सम्मेलन शुरू होने के महज 15 मिनट में ही नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह यह कहते हुए उठ गए कि सभी 25 बिन्दु पारित हो गए हैं। इससे भौचक्के भाजपा पार्षदों ने अचानक बैठक स्थगित होने और मनमाने तरीके से बिन्दुओं को  पारित करने का विरोध करते हुए नपाध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी तथा कलेक्टर को ज्ञापन देने के लिए पहुंच गए। बताया जाता है कि कलेक्टर ने भाजपा पार्षदों को प्रभारी सीएमओ को सुनने के बाद आश्वासन दिया है कि इस मामले में वह कार्रवाई करेंगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार परिषद की बैठक आज महज 20 मिनट चली। बैठक प्रारंभ होते ही भाजपा पार्षदों ने सवाल किया कि जो मुद्दे परिषद के एजेण्डे में हैं उसकी फाइलें कहां हैं। यह भी सवाल किया गया कि पीआईसी के जिन बिन्दुओं की स्वीकृति चाही जा रही है उसकी फाइल कहां है। इस पर नपा प्रशासन बगलेें झांकने लगा और अचानक नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह ने यह कहते हुए बैठक समाप्त कर दी कि एजेण्डे में शामिल सभी बिन्दु पारित कर दिए गए हैं। इसके विरोध में भाजपा पार्षद एकत्रित होकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे जहां उन्होंने कलेक्टर शिल्पा गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। इस पर कलेक्टर ने प्रभारी सीएमओ आरडी शर्मा को बुलाया और उनसे परिषद की बैठक के बारे में विस्तार से पूछा। श्री शर्मा ने उन्हें बताया कि बैठक में महज 3 बिन्दुओं पर चर्चा हुई है। प्रभारी सीएमओ के इस रूख के बाद कलेक्टर ने उनसे बैठक का प्रोसिडिंग रजिस्टर दिखाने को कहा जो कि खाली था और उस पर कुछ भी नहीं लिखा गया था। इस पर भी कलेक्टर शिल्पा गुप्ता ने नाराजगी व्यक्त की और भाजपा पार्षदों को आश्वासन दिया कि वह इस मामले में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई करेंगी।  
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नपा अधिनियम के विपरीत बुलाई बैठक: पार्षद शर्मा
वार्ड क्रमांक 9 के कांग्रेस पार्षद आकाश शर्मा ने नगर पालिका द्वारा बुलाई गई साधारण सभा की बैठक को नपा अधिनियम का खुला उल्लंघन बताया। उनका कहना है कि 16 जुलाई को परिषद की बैठक बुलाई गई थी, लेकिन हंगामे के कारण वह स्थगित हो गई और नगर पालिका ने आज धारा 61(2) का हवाला देकर परिषद की बैठक के लिए सूचना चस्पा कर दी, लेकिन जो बैठक आज आहूत कराई गई है वह नपा अधिनियम के विपरीत है, क्योंकि अधिनियम की धारा 61(2) के अंतर्गत परिषद की बैठक दो दिवस के अंदर बुलानी होती है जो नगर पालिका ने 15 दिन बाद बुलाई है। 
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नपा उपाध्यक्ष के वार्ड में सीसी रोड स्वीकृति पर पार्षदों ने किया विरोध
परिषद की बैठक में एजेण्डे में वार्ड क्रमांक 10 में सीसी रोड निर्माण संबंधी बिन्दु़ रखा गया था जिस पर पार्षदों ने अपना विरोध दर्ज कराया और कहा कि अन्य पार्षदों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है। अगर वार्ड क्रमांक 10 में सीसी रोड डाली जा रही है तो अन्य पार्षदों को भी 50-50 लाख रूपये की सीसी रोड दी जाए। जिस पर नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह ने बिना फाइल के सीसी रोड दिए जाने से इंकार कर दिया तो पार्षद विरोध में आ गए और इस बिन्दु के बाद से ही पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया।
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शिवपुरी से कांग्रेस में राकेश और सिद्धार्थ के बाद एपीएस की उम्मीद्वारी उभरी
खोड़ क्षेत्र में जनसंपर्क में जुटे, एपीएस हैं दिग्गी समर्थक
फोटो, 31 शिव.4
शिवपुरी। शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र से अभी तक कांग्रेस टिकट के लिए सिंधिया समर्थक राकेश गुप्ता और सिद्धार्थ लढ़ा ही प्रयास कर रहे थे, लेकिन अब दिग्गी समर्थक प्रो. एपीएस चौहान ने भी अपनी दावेदारी ठोक दी है। जीवाजी महाविद्यालय के प्रो. अजय प्रताप सिंह चौहान इन दिनों खोड़ क्षेत्र के 35 मतदान केन्द्रों पर जनसंपर्क में जुटे हैं। बताया जाता है कि उन्होंने कांग्रेस टिकट के लिए विधिवत रूप से आवेदन भी कर दिया है। प्रो. चौहान कांग्रेस की गुटबाजी में दिग्गी समर्थक माने जाते हैं और पूर्व नपा उपाध्यक्ष अरूण प्रताप सिंह चौहान के वह बड़े भाई हैं। 
राजनीति विज्ञान के प्रो. एपीएस चौहान भले ही शासकीय सेवा में हैं, लेकिन उनका दिल पढ़ाई लिखाई से अधिक राजनीति में रमता है। शिवपुरी महाविद्यालय में वह छात्रसंघ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं तथा जीवाजी विश्वविद्यालय छात्रसंघ के वह सचिव रहे हैं। राजा खोड़ के रूप में वह फैमस हैं तथा उनकी मित्रमंडली शिवपुरी शहर में हैं। शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र को वह अपने लिए मुफीद मानकर चल रहे हैं। उनका कहना है कि स्व. राजमाता विजयाराजे सिंधिया से लेकर स्व. माधवराव सिंधिया से उनके संबंध बेहद मधुर तथा घनिष्ठ रहे हैं। जवाहरलाल नेहरू यूर्निवर्सिटी के छात्र के रूप में पढ़ाई के दौरान उनके अशोक गहलोत और तारिक अनबर से भी संबंध रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि इसका फायदा उन्हें टिकट प्राप्ति की दौड़ में मिलेगा। प्रो. चौहान जीवाजी विश्वविद्यालय की कुलपति संगीता शुक्ला से झगड़े के कारण भी चर्चा में हैं। सहरिया जनजाति के अध्ययन करने के बहाने वह शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र की सहरिया बस्तियों में जनसंपर्क में जुटे हुए हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या सिंधिया के प्रभाव वाले इस क्षेत्र में वह अपनी जोड़तोड़ से टिकट हासिल करने में सफल रहेंगे अथवा नहीं?
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राकेश और सिद्धार्थ ने शुरू किया अपना प्रचार
सिंधिया समर्थक राकेश गुप्ता और शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सिद्धार्थ लढ़ा ने अपना प्रचार शुरू कर दिया है। बताया जाता है कि दोनों नेताओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में बैनर और पोस्टर लगा दिए हैं। श्री लढ़ा का दावा है कि इससे ग्रामीण इलाकों के घर-घर में उनका नाम पहुंच गया है। किसान परिवर्तन यात्रा के दौरान लगभग पंद्रह दिनों तक सिद्धार्थ लढ़ा ने गांवों का दौरा किया और उनका कहना है कि शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र के हर गांव में वह अपनी आमद दर्ज करा चुके हैं। क्या उन्हें टिकट मिलेगा? इस सवाल पर श्री लढ़ा ने कहा कि वह सिंधिया के आदेश का पालन करेंगे और जो उनका निर्णय होगा वह स्वीकार करेंगे। वहीं टिकट के दूसरे दावेदार राकेश सांवलदास गुप्ता भी पूरी ताकत से टिकट प्राप्ति की दौड़ में जुटे हुए हैं। राकेश गुप्ता शहर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष हैं और शिवपुरी के प्रतिष्ठित वैश्य परिवार से जुड़े हुए हैं। उनके पिता स्व. सांवलदास गुप्ता कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे। वह शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे थे और 1993 में उन्होंने शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीद्वार के रूप में काफी मजबूती से चुनाव लड़ा था। हालांकि वह अपने समधी से महज 3 हजार वोटों से पराजित हो गए थे। इस हार की कसक गुप्ता परिवार के मन में आज भी है और इसी कारण स्व. सांवलदास गुप्ता के सुपुत्र राकेश गुप्ता 25 साल बाद अपने पिता की हार का बदला लेने के लिए चुनाव मैदान में कूदने का मन बना रहे हैं। श्री गुप्ता ने ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे शुरू कर दिए हैं और शिवपुरी शहर में भी उनका जनसंपर्क जारी है। 
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