

शिवपुरी। मध्यदेशीय अग्रवाल समाज द्वारा आयोजित किए जा रहे रासलीला महोत्सव के छठवे दिन मध्यदेशीय अग्रवाल धर्मशाला में वृन्दावन से पधारे कलाकारों द्वारा विष्णु ठाकुर जी महाराज के सानिध्य में अभिमन्यु वध के चरित्र को अपनी अदाकारी से जीवंत कर दिया।
रासलीला में वृंदावन के कलाकारों ने गुरू द्रोण द्वारा चक्रव्यूह की रचना, अभिमन्यु वध और जयद्रथ वध का बृज भाषा शैली में भव्य प्रदर्शन किया। मंच पर दिखाया गया कि कौरव सेना के सेनापति द्रोणाचार्य के पास दुर्योधन, दुशासन, शकुनि एवं अन्य महारथी आकर पांडवों द्वारा लगातार मारे जा रहे कौरव वीरों के प्रति चिंता व्यक्त करते हैं। इस पर द्रोणाचार्य युद्ध में चक्रव्यूह की रचना का निर्णय लेते हैं। उधर पांडव शिविर में जब इस बात का पता चलता है तो युधिष्ठिर चिंता में पड़ जाते हैं। उनकी इस चिंता को अर्जुन पुत्र अभिमन्यु भांप जाता है और युधिष्ठिर को वह निश्चिंत करता है कि वह चक्रव्यूह को भेदन जानता है। रासलीला में बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने एकाग्रता से रासलीला के प्रत्येक दृश्य को देखकर आनंद लिया। बीच-बीच में समाज को संदेश देते प्रेरक प्रसंग भी सुनाए गए। कार्यक्रम के अंत में महेन्द्र गोयल द्वारा सभी श्रद्धालुओं को अन्नकूट का वितरण किया गया।






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