
शिवपुरी। डीलर या संस्थाएं भले ही उपभोक्ताओं को ठगने की कोशिश करे, लेकिन उपभोक्ता यदि सतर्क है तो इन संस्थाओं के मंसूबों पर पानी फेरने और अपने साथ हुए अनैतिक व्यवहार के लिए वह उपभोक्ता फोरम की शरण में जा सकता है, जहां उसे न्याय मिल जाता है। इसी तरह के दो प्रकरणों में जिला उपभोक्ता फोरम ने एचडीएफसी बैंक और मारुति डीलर को उपभोक्ता की सेवाओं में कमी पाए जाने पर ब्याज सहित रुपए वापस करने के आदेश दिए हैं। शहर के अवधेश सिंह ने एचडीएफसी बैंक माधव चौक में 5 जनवरी 2011 को 15 हजार रुपए 24 माह 16 दिन के लिए जमा किए थे। निर्धारित समय बाद जब बैंक से राशि निकाली तो उन्हें ब्याज के 9 हजार रुपए ही दिए गए। जबकि निर्धारित राशि 17 हजार 993 मिलनी थी। बैंक ने यह भी नहीं बताया कि यह राशि क्यों काटी गई। तब आवेदक ने अपने वकील अजय जैन और संजय कुशवाह के माध्यम से केस उपभोक्ता फोरम में लगाया गया जहां से न्यायाधीश गौरीशंकर दुबे और सदस्य राजीव कृष्ण शर्मा ने उभय पक्षों के जबाब व साक्ष्य के आधार पर 9 फीसदी ब्याज सहित परिपक्वता राशि 17 हजार 993 और 2500 रुपए क्षतिपूर्ति व्यय देने के निर्देश दिए है।
वहीं दूसरे मामले में उपभोक्ता फोरम ने रेखा अग्रवाल द्वार कार एक्सचेंज योजना में पुरानी कार 1 लाख 60 हजार में बदलकर नई कार 2 लाख 99 हजार 792 रुपए में ली। जिसमें 1 लाख 41 हजार 009 रुपए नगद जमा कराए गए। तब कंपनी द्वारा 35 हजार की छूट देने की बात कही। उसके क्रम में 5 हजार नगद लिए और कुल राशि हुई 3 लाख 6 हजार 9 रुपए। जिसमें से 34 हजार705 रुपए का चैक आवेदिका को देने के निर्देश दिए लेकिन चैक नहीं दिए। इस मामले में फोरम ने मेनेजिंग डायरेक्टर मारुति सुजूकी ग्वालियर तथा मेनेजर प्रेम मोटर्स गुना को 2 माह में 34 हजार 705 रुपए और 9 फीसदी ब्याज क्षतिपूर्ति के लिए 2500रुपए अदा करने के निर्देश दिए।






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