
शिवपुरी। बदरवास अस्पताल में पदस्थ ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. आरएल पिप्पल का एक वीडियो विगत दिनों वायरल हुआ है जिसमें वह प्रसूति सहायता राशि के एवज में हितग्राहियों से दो-दोह हजार रुपए की रिश्वत लेते नजर आ रहे हैं। एक हितग्राही द्वारा दो हजार रुपए देने की वीडियो अपने कैमरे में कैद कर वायरल कर किया गया था। इसके बाद बदरवास के डॉ. पिप्पल से बीएमओ का पद छीन लिया गया और उनकी जगह डॉ. सुधीर कश्यप को प्रभारी बीएमओ बनाया गया है। कलेक्टर ने इस मामले में कोलारस एसडीएम आशीष तिवारी को जांच अधिकारी बनाया है। यहां बता दें कि बदरवास के बीएमएओ बने डॉ. सुधीर कश्यप पूर्व में व्यापम मामले के दोषी रह चुके हैं। इतना ही नहीं इस मामले में वे जेल भी होकर आए हैं। वहीं पिछले दिनों बदरवास में कचरे के ढेर में फेंकी गई हजारों दवाओं के मामले में भी डॉ. कश्यप का नाम उछला था।
उल्लेखनीय है कि हितग्राही लोकेन्द्र सिंह सोलंकी निवासी ग्राम एनवारा ने खुलासा करते हुए बताया कि प्रसूति सहायता के 16 हजार रुपए मिलते हैं। इसके ऐवज में अस्पताल में डॉ. पिप्पल सहित एक अन्य कर्मचारी अस्पताल परिसर में ही रिश्वत की मांग करते हैं। हितग्राहियों का कहना है कि संबल योजना के तहत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की थी कि प्रसूति महिलाओं को कुल 16 हजार रुपए दिए जाएंगे। इसके तहत किश्त में राशि का भुगतान किया जाएगा। डिलेवरी के पहले चार हजार और बाद में खाते में बारह हजार आते हैं। यह राशि ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के हस्ताक्षर से निकाली जा सकती है, लेकिन ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. आरएल पिप्पल राशि निकालने के ऐवज में पैसों की मांग कर रहे थे।






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