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टोल टैक्स-अगले 3-4 दिन मैं शिवपुरी-ग्वालियर फोरलाइन पर शुरू होगा टोल

शिवपुरी।शिवपुरी ग्वालियर के बीच फोरलेन पर चलने वाले वाहनों से टोल टैक्स वसूलने की तैयारी पूरी हो गई है।शुक्रवार को इन टोल टैक्स पर वाहनों की गणना का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी के हिसाब से टोल पर शुल्क वसूला जाएगा। एनएचएआई के महाप्रबंधक राजेश गुप्ता ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि टोल अगले दो से तीन दिन में शुरू हो सकता है और जिस कंपनी को यह जिम्मेदारी दी गई है उसने आंकलन शुरू कर दिया है। बता दें कि उक्त टोल पर सतनवाड़ा से मोहना तक टोल लिया जाएगा जबकि घाटीगांव ऐरिया में बने टोल से भी टोल लेने की शुरूआत की जा रही है।अब तक इस फोरलेन पर वाहन निशुल्क आ जा रहे थे। टोल का निर्माण कई माह पहले हो गया था लेकिन माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव के द्रष्टिगत टोल की वसूली शुरू नहीं की गई थी। अब इस पर टोल वसूला जाएगा।

हर दिन गुजरने वाले वाहनों से लगाया जाएगा टोल का आंकलन

एबी रोड पर हर दिन गुजरने वाले वाहनों से टोल का आंकलन लगाया जाएगा इसके लिए एनएचएआई विभाग के अधीन काम करने वाले ठेकेदार द्वारा शुरू कर दिया गया है। बूथ पर कर्मचारी बैठाकर वहां से गुजरने वाले वाहनों के नंबर ठीक उसी अंदाज में दर्ज किए जा रहे हैं जिस तरह टोल लेने के दौरान किए जाते हैं।वहां मौजूद कर्मचारी रामलखन के मुताबिक टोल लेने में लगने वाले समय और अन्य बिंदुओं की टेस्टिंग शुरू कर दी गई है।

वाहन रोककर न सिर्फ उनके नंबर दर्ज कर समय का आंकलन किया जा रहा है वहीं टोल पर जिस तरह से ग्रीन और रेड बत्ती जलती है ठीक उसी तरह उन्हें जलाकर टेस्टिंग भी की जा रही है। शुक्रवार को यह काम सुबह से शुरू हुआ और शाम तक जारी रहा।

खूवत पर पुल का निर्माण का प्रपोजल भेजा

शहरी क्षेत्र में 18 वीं बटालियन से लेकर सतनवाड़ा तक अभी तक फोरलेन का निर्माण नहीं हुआ है। यहां खूवत घाटी पर भी निर्माण होना बाकी है। एनएचएआई ने दो तरह के निर्माण का विकल्प रखा था जिसकी परमीशन मिलने में देरी हुई। वन क्षेत्र का यह मामला पेयजल योजना की तरह ही परमीशन की फेर में अटका रहा। नेशनल पार्क ने यहां निर्माण के लिए इतनी अधिक राशि मांगी थी कि फोरलेन का निर्माण लटक गया। अब नए सिरे से यहां पुल के निर्माण का प्रपोजल दिल्ली भेजा गया है। जिसकी स्वीक्रति के बाद ही फोरलेन बन सकेगा।

वायपास पर भी संकट के बादल

वायपास पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। 18 वीं बटालियन से लेकर ककरवाया तक फोरलेन का वायपास बनाया गया है। लेकिन यह वायपास अब तक शुरू नहीं हो पाया है और इस वायपास पर बिजली के हाईटेंशन तार की शिफटिंग का काम भी नहीं हुआ है साथ् ही यहां पर सिंह निवास पर बनाया गया पुल भी क्षमता के परीक्षण में खरा नहीं उतरा है जिसके चलते वायपास पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

पांच जगहों पर होना है हाईटेंशन लाइन की शिफटिंग का काम

फोरलेन वायपास पर पांच जगह से हाईटेंशन लाइन गुजरी है और यहां पर तारों की शिफटिंग का काम किया जाना है। बिजली कंपनी द्वारा तारों की शिफटिंग का काम नहीं किया गया है जिसके चलते वायपास पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंधित है और वाहन शहर से गुजरे वायपास से होकर निकल रहे हैं।

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