
शिवपुरी/ जिला न्यायालय के विशेष अपर सत्र न्यायाधीश डीएल सोनिया ने गांजे की खेती
करने के मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी को दोष मुक्त करने की कार्रवाई की
है। बताया जाता है कि पुलिस ने मामले में हेंडपंप पर नाम लिखा देख युवक को
आरोपी बनाया था। मामले की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता अजय गौतम व गोपाल व्यास ने
की।
अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार 22 जनवरी 2009 को ग्राम पिपरा
तहसील पिछोर स्थित भूमि पर मुखबिर की सूचना पर बड़े पैमाने पर गांजे की
खेती पकड़ी गई थी।मौके पर मौजूद गवाहों के बताए अनुसार आबकारी विभाग के
अधिकारियों ने पिपरा निवासी बरजोर सिंह पुत्र सूरज सिंह बुंदेला के खिलाफ
एनडीपीएस एक्ट के तहत गांजे की खेती करने का मामला दर्ज किया।जिसमें मामले
में सुनवाई के दौरान 41 हजार गांजे के पौधे एवं 5 किलो सूखी गांजे की
कलियां पेश की गईं। न्यायालय ने गवाहों व सबूतों की विश्लेषण के बाद माना
कि आरोपी बरजोर का नाम जिस जमीन पर लगे हेंडपंप पर था वह उसका मालिक नहीं
था। न ही कब्जा था। न ही हेंडपंप का बरजोर के नाम का कोई सबूत था। मामले
में आरोपी को दोष मुक्त कर दिया।






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